बंदरों के लिए टनकपुर में बनेगा संरक्षण केंद्र

Pithoragarh Updated Tue, 05 Jun 2012 12:00 PM IST
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पिथौरागढ़। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सोमवार को भी विधानसभा में अपने निर्वाचन क्षेत्र डीडीहाट की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। जंगली जानवरों के आतंक से संबंधित मामले में सरकार ने कुमाऊं और गढ़वाल में बंदर संरक्षण केंद्र खोलने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कई स्थानों पर झूलापुल, डामरीकरण और सिंचाई सुविधा न होने का मामला सदन में उठाया।
चुफाल ने देहरादून से फोन पर बताया कि उन्होंने नियम 300 के तहत सदन में पूछा था कि जंगली जानवरों खासकर बंदरों के आतंक के कारण गांवों से पलायन हो रहा है। गांव के गांव खाली हो रहे हैं। सरकार ने सदन में जानकारी दी कि कुमाऊं क्षेत्र के लिए टनकपुर तो गढ़वाल क्षेत्र के लिए ऋषिकेश में बंदर संरक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। इन केंद्रों में बंदरों को पकड़कर रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि तड़केश्वरी नदी में तड़खेत और सौगांव के बीच, चरमा नदी में नारंगी और औलतड़ी के मध्य झूलापुल न होने से संबंधित प्रश्न सदन में उठाया गया था। द्वालीसेरा में नहर निर्माण के लिए धन अवमुक्त करने और सुवालेख से रसैपाटा जाने वाली सड़क में डामरीकरण करने की मांग की। सरकार ने उक्त सभी प्रश्नों के जवाब में धन उपलब्ध कराने की बात कही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार को बंदरों के साथ ही जंगली सूअर और भालू से नागरिकों को बचाने के उपाय ढूंढने होंगे।

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