आजादी के 67 वर्ष बाद भी सड़क सपने से कम नहीं

Pauri Updated Mon, 05 May 2014 05:30 AM IST
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कोटद्वार। यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के आठ गांव ऐसे हैं जिनके लिए सड़क किसी सपने से कम नहीं है। कई सरकारें आईं और गईं, मगर आज तक किसी नेता ने इन गांव के लोगों की सुध नहीं ली। लोकसभा चुनाव के इस दौर में जहां नेता क्षेत्र के विकास के दावे कर रहे हैं वहीं क्षेत्रीय विकास को लेकर राजनीतिक दल एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
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विधानसभा के मुंडला, मटियाल, बंस्लोनी, केंड्यूल, स्यालिंगा, मुनार, गाजा और काटल में आजादी के 67 वर्षों बाद भी अपने घर तक पहुंचने के लिए सड़क तक नसीब नहीं हो पाई। इन्हें पुलिंडा सड़क पर आने के लिए पांच किमी. जबकि दूसरी ओर जंगल मार्ग से कोटद्वार आने के लिए करीब छह से आठ किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।
बजट स्वीकृत, मगर नहीं बनी सड़क
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2005 में क्षेत्र में सड़क ले जाने के लिए करीब एक करोड़ 40 लाख का बजट स्वीकृत हुआ था। ग्रामीणों ने सड़क बनाने के लिए विभाग को अपनी 10 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित भी कर दी थी, मगर जनप्रतिनिधियों की ओर से पैरवी नहीं होने के कारण सड़क निर्माण को लेकर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।

पैदल मार्ग पर है जंगली जानवरों का खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि उक्त गांवों से सबसे नजदीक करीब छह से आठ किमी. जंगल का रास्ता पैदल है। मार्ग पर हाथियों के अलावा अन्य जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। अकस्मात में जल्दी कोटद्वार पहुंचने के लिए जंगल के रास्ते ही आना पड़ता है। जिसमें कई बार जंगली जानवरों से सामना हो जाता है।

सब्जी उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है क्षेत्र
उक्त गांवों में सीजनल सब्जियों का बड़ी मात्रा में उत्पादन होता है। यहां से पहाड़ी मूला, टमाटर, अदरक, दालें, हरी सब्जियां आदि बड़ी मात्रा में कोटद्वार बाजार में बिकने के लिए आती हैं। यातायात सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को इसका उचित लाभ नहीं मिल रहा है।

परेशानी ग्रामीणों की जुबानी
स्थानीय नागरिक मेहरबान सिंह असवाल, राजेंद्र सिंह नेगी, सूरजभान सिंह रावत, बचन सिंह नेगी, हरिदत्त जखमोला, कुंवर सिंह रावत ने बताया कि जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण वे आज भी विकास से कोसों से दूर हैं। सड़क नहीं होने से बीमारी के दौरान मरीजों को कोटद्वार अस्पताल तक लाने में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हम सब्जी उत्पादन कर किसी प्रकार अपने परिवार की जीविका चलाने का प्रयास कर रहे हैं। सुविधाएं नहीं होने के कारण यहां से लगातार पलायन हो रहा है।

कहती हैं विधायक
यह बात सही है कि इन गांवों के लिए अभी तक सड़क नहीं बन पाई। यह क्षेत्र पहले कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में था। सड़क के रास्ते में कुछ जमीन वन विभाग की पड़ रही है। इस पर कार्रवाई की जाएगी।
-विजय बड़थ्वाल, विधायक यमकेश्वर
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