हाथी सुरक्षा दीवार पर पुलिंडा में भी विवाद

Pauri Updated Tue, 21 Jan 2014 05:48 AM IST
कोटद्वार। दुगड्डा प्रखंड के आपदा प्रभावित ग्राम पुलिंडा के ग्रामीणों ने वन विभाग के साथ ही शासन-प्रशासन से सिगड्डी क्षेत्र के पापीडांडा खाम में बनाई जा रही हाथी सुरक्षा दीवार को चिह्नित जमीन से बाहर बनाने की मांग की है। कहा कि हाथी सुरक्षा दीवार बीच में बनने से विस्थापितों को मुश्किल का सामना करना पड़ेगा।
पुलिंडा विस्थापन एवं पुनर्वास संघर्ष समिति से जुडे़ सदस्यों की यहां आयोजित बैठक में अध्यक्ष केशर सिंह नेगी ने कहा कि शासन और प्रशासन की ओर से वर्ष 2006 से आपदा पीड़ितों के लिए पापीडांडा खाम में विस्थापन के लिए भूमि चिह्नित की गई है, जिसमें वन विभाग अड़ंगा डालता आ रहा है। हाल में ही यहां प्रशासन और वन विभाग ने संयुक्त निरीक्षण भी किया है, जिसमें खाली जमीन देने पर किसी को भी आपत्ति नहीं थी मगर, वन विभाग के रवैये से लगता है कि वह खाली जमीन भी विस्थापितों को देने के मूड में नहीं है। अन्यथा चिह्नित जमीन को छोड़कर ही हाथी सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाता।
आपदा पीड़ितों ने एकस्वर से पापीडांडा खाम की 70 हेक्टेयर भूमि को हाथी सुरक्षा दीवार के अंदर लेने की अपील की है ताकि बाद में कोई विवाद उत्पन्न न हो। बैठक में सचिव देवेंद्र सिंह नेगी समेत कई लोग मौजूद थे।

Spotlight

Most Read

Bihar

चारा घोटाला: लालू और जगन्नाथ मिश्रा को 5 साल की सजा, कोर्ट ने 5 लाख का लगाया जुर्माना

पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।

24 जनवरी 2018

Related Videos

देहरादून में हुआ शानदार कार्यक्रम, झूमते नजर आए आम लोग

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अखिल गढ़वाल सभा की ओर से परेड ग्राउड में उत्तराखंड महोत्सव ‘कौथिग’ में पांचवे दिन लोक गायकों के गीत का जादू लोगों के सर चढ़कर बोला। लोकगायक अनिल बिष्ट, संगीता ढौडियाल, कल्पना चौहान, हीरा सिंह राणा ने समा बांध दिया।

30 अक्टूबर 2017