विकास पर लगेगा ब्रेक, पलायन बढे़गा

Pauri Updated Thu, 21 Nov 2013 05:42 AM IST
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कोटद्वार। प्रस्तावित राजाजी टाइगर रिजर्व के गठन को लेकर यमकेश्वर और कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में लोगों का विरोध जारी है। लोगों ने टाइगर रिजर्व के गठन पर सवाल खडे़ करते हुए इसे सरकार का जल्दबाजी का निर्णय करार दिया। जनता को डर है कि इससे गांवों का विकास पूरी तरह से ठप हो जाएगा और पलायन बढ़ेगा।
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लोगों का कहना है कि इस प्रस्ताव से पूर्व सरकार को राजाजी नेशनल पार्क और कार्बेट नेशनल पार्क से सटे गांवों का अध्ययन सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों की टीम से करवाना चाहिए। सरकार को सबसे पहले जनहितों का ख्याल रखना चाहिए। लोग केवल बुनियादी सुविधाएं बहाल करने की मांग कर रहे है। यमकेश्वर प्रखंड निवासी चंद्रमोहन सिंह नेगी, बचन सिंह बिष्ट, बीरेंद्र बंधु और मीरा रतूड़ी का कहना है कि राजाजी नेशनल पार्क के कडे़ कायदे कानूनों से डाडामंडल के लोग पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। अब लालढांग और कोटद्वार रेंज को यदि टाइगर रिजर्व में शामिल कर लिया जाता है तो क्षेत्र की लाइफ लाइन चिलरखाल-लालढांग मोटर मार्ग के विस्तारीकरण और डामरीकरण सपना बन जाएगा। पौखाल से कलालघाटी तक के प्राचीन पैदल और अश्व मार्गोें की मरम्मत समेत सभी कार्य ठप हो जाएंगे और समीपवर्ती लोगों की मुश्किल बढे़गी।
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सच्चाई यह है कि हमारे नीति निर्धारक धरातलीय हकीकत जाने बिना, बंद कमरों में बैठकर निर्णय ले लेते हैं। जो आम जनता पर भारी पड़ते हैं। कभी लालढांग किमसार और पश्चिमी गढ़वाल का प्रवेश द्वार होता था, आज भी लोग यहां से पैदल आवाजाही करते हैं। टाइगर रिजर्व बनने से उनकी मुश्किल बढे़गी।
-सुदामाराम अमोली, अधिवक्ता
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सरकार को यह बात समझनी होगी कि लोग पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण के विरोध में नहीं हैं। पार्क के कडे़ कानूनों से प्रभावित ग्रामीण अब छांछ भी फूंककर पीना चाहते हैं। सरकार को वनाधिकार कानून-2006 के हर पहलू का ध्यान रखना चाहिए।
-जगमोहन भारद्वाज, अधिवक्ता
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कोटद्वार और लालढांग क्षेत्र को प्रस्तावित टाइगर रिजर्व में शामिल करने से पहले जनता पर पड़ने वाले प्रभावों का व्यापक अध्ययन किया जाना चाहिए। इतिहास गवाह है कि जनता की उपेक्षा करने पर बडे़ आंदोलन जन्म लेते हैं।
-दीपक रावत, अधिवक्ता
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प्रस्तावित राजाजी टाइगर रिजर्व को लेकर वन विभाग को प्रभावित गांवाें में खुली चर्चा करानी चाहिए। जनहित को नजर अंदाज कर बनाए गए टाइगर रिजर्व के विरोध में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच इसके विरोध में जनता को जागरूक कर रहा है।
-विजय ध्यानी, जिला प्रवक्ता
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