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नौ दिन बाद आज से खुलेगा विश्वविद्यालय

Pauri Updated Wed, 13 Feb 2013 05:31 AM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विश्वविद्यालय में पिछले नौ दिनों से चल रहा गतिरोध मंगलवार को खत्म हो गया। दैनिक वेतन कर्मचारियों ने मांगों पर बनी सहमति के बाद अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। बुधवार से विश्वविद्यालय खुल जाएगा। विवि प्रशासन ने दैनिक वेतन कर्मचारियों से संबंधित चार और छात्राें को 10 बिंदुओं पर लिखित आश्वासन दिया है।
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विवि से लिखित आश्वासन मिलने के बाद आमरण अनशन पर बैठे छात्र संघ अध्यक्ष सुधीर जोशी, दैनिक कर्मी राजेंद्र रावत और सुनील बिष्ट ने भी अनशन समाप्त करने की घोषणा की। मौके पर पहुंचे कार्यवाहक कुलपति प्रो. एमएसएम रावत, कुलसचिव प्रो. पीएस राणा, ओएसडी परीक्षा प्रो. एलजे सिंह, डीएसडब्लू प्रो. एससी भट्ट, वित्त अधिकारी प्रो. जेएस बिष्ट ने आंदोलनरत कर्मियों और छात्रों से मिलजुल कर समस्याओं के समाधान करने की बात कही। शिक्षणेत्तर संघ के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी, सचिव मनोज रतूड़ी, छात्र संघ महासचिव कीर्ति सिंह, दर्शन सिंह दानू, विकास कठैत, मनवीर माही, पुष्पेंद्र पंवार, अंकित कपरवाण ने यदि मांगे पूरी नहीं हुई तो उन्हें उग्र आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा। दैनिक कर्मी संघ के संयोजक कमलेश नैथानी ने कहा विवि प्रशासन को 15 मार्च तक कर्मियों के समायोजन का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समयावधि तक समायोजन नहीं होता है तो 16 मार्च से बिना सूचना के फिर से तालाबंदी कर दी जाएगी।



इनसेट---

सेकेंड सेटरडे की छुट्टी होंगी एडजस्ट
गढ़वाल विवि में नौ दिन तक चले आंदोलन के कारण छह कार्य दिवसों में बाधित रहे विवि के कामकाज की क्षतिपूर्ति सेकेंड सेटरडे के एडजस्टमेंट से पूरी की जाएगी। विवि ने कर्मचारियों को प्रतिमाह सेकंड सेटरडे को मिलने वाले अवकाश में कटौती करने का निर्णय लिया है। विवि के कुलसचिव प्रो. पीएस राणा ने बताया कि कर्मचारियों को छह माह तक सेकंड सेटरडे के दिन भी विवि में काम करना होगा। इसके आदेश जारी किए जा रहे हैं।



कर्मियों के इन बिंदुओं पर बनी सहमति-
-इलाहाबाद विवि या अन्य केंद्रीय विवि में वन टाइम विनियमितीकरण के लिए अपनाए गए पैटर्न का अध्ययन कर उन नियमों के अंतर्गत विवि समायोजन की प्रक्रिया को संपन्न किया जाएगा।
-विज्ञापित होने वाले पदों हेतु अर्हताएं या छूट आदि के लिए समिति गठित की जाएगी, जिसमें कर्मचारियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
-वित्त समिति की स्वीकृति के पश्चात वेतन में 20 से 50 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर दी जाएगी। वित्त समिति की बैठक मार्च/अप्रैल माह में आहूत करने और बढ़ा हुआ वेतन फरवरी से दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
-आंदोलन में शामिल रहे कर्मचारियों का किसी भी प्रकार का उत्पीड़न नहीं किया जाएगा।


छात्रों के इन बिंदुओं पर हुई लिखित सहमति-
-लाइब्रेरी में एयर कंडीशनर की व्यवस्था अविलंब कर दी जाएगी।
-वैकल्पिक व्यवस्था में जेनरेटर की सुविधा 10 दिन में दे दी जाएगी।
-वाईफाई कनेक्टिविटी सुविधा जल्द सुनिश्चित कराई जाएगी।
-एनएससी सी प्रमाण पत्र का लाभ सत्र 2013-14 से दिया जाएगा।
-कैंपस वेटेज पर गठित कमेटी की संस्तुतियां 20 फरवरी तक कानूनी सलाह के लिए भेज दी जाएगी
-सेल्फ फाइनेंस कोर्स में रेगुलर शिक्षकों की नियुक्ति होते ही रेगुलर पाठ्यक्रम में तब्दील हो जाएंगे।
-पीजी प्रवेश परीक्षा केंद्र विवि के बिड़ला, पौड़ी और टिहरी परिसर सहित देहरादून में निर्धारित किए जाएंगे।
-छात्रावासों में सफाई व्यवस्था और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
-कामर्स की पुस्तकें अविलंब चौरास परिसर में स्थानांतरित कर दी जाएंगी।
-माइग्रेशन कार्य शीघ्र कंप्यूटराइज्ड करा दिया जाएगा।



15 दिन पीछे खिसकेेंगी विवि की परीक्षाएं
दो की जगह 15-16 अप्रैल से संभव, विश्वविद्यालय प्रशासन ने खडे़ किए हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कर्मचारी आंदोलन की वजह से डेढ़ लाख छात्रों की वार्षिक परीक्षा एक पखवाडे़ पीछे खिसकने जा रही है। गढ़वाल विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षाएं अब दो अप्रैल से नहीं हो पाएंगी। बहुत संभव है कि परीक्षाएं 15-16 अप्रैल से कराई जाएं। विवि प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नौ दिन आंदोलन के कारण जो अव्यवस्था हुई है, उसमें परीक्षाएं दो अप्रैल से कराना कतई संभव नहीं है। आंदोलन के चलते परीक्षाओं के पीछे जाने की आशंकाएं पहले से ही प्रकट की जा रही थीं। मंगलवार को आंदोलन खत्म होने के साथ ही यह भी साफ हो गया कि पूर्व में घोषित परीक्षा कार्यक्रम अब अप्रासंगिक हो गया है।
गढ़वाल विवि की रेगुलर और प्राइवेट परीक्षाएं दो अप्रैल से शुरू होनी थीं। परीक्षाओं की तैयारियां समय पर पूरी हो सकें। इसके लिए विवि द्वारा छात्रों के लिए विलंब शुल्क के साथ परीक्षा फार्म जमा करने की अंतिम तिथि छह फरवरी तय की थी। कॉलेजों से विवि मुख्यालय में फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 11 फरवरी निर्धारित की गई थी, लेकिन चार फरवरी से तालाबंदी होने के कारण परीक्षा की तैयारियों पर ब्रेक लग गया। विवि के ओएसडी परीक्षा प्रो. एलजे सिंह ने बताया कि पूर्व में निर्धारित दो अप्रैल की तिथि से वार्षिक परीक्षाएं संभव नहीं है। काम बाधित होने के कारण अब 15-16 अप्रैल से ही परीक्षाएं आयोजित कराई जा सकती हैं। बुधवार से परीक्षा की तैयारियां नए सिरे से शुरू कर दी जाएंगी।


परीक्षा फार्म जमा करने की तिथि बढ़ी
गढ़वाल विवि ने रेगुलर और प्राइवेट छात्रों के वार्षिक परीक्षा फार्म जमा करने की तिथि बढ़ा दी है। विवि के ओएसडी परीक्षा प्रो. एलजे सिंह ने बताया कि छात्र अब विलंब शुल्क के साथ 16 फरवरी तक कॉलेजों में फार्म जमा कर सकते हैं, जबकि कॉलेजों को 20 फरवरी तक विवि मुख्यालय में परीक्षा फार्म जमा करने होंगे।

एमएड की काउंसिलिंग 23-24 को
गढ़वाल विवि के एमएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए रिपोर्टिंग और काउंसिलिंग की तिथि 23 और 24 फरवरी को निर्धारित की गई है। पूर्व में यह तिथि आठ-नौ फरवरी थी। मगर तालाबंदी के कारण काउंसिलिंग स्थगित करनी पड़ी थी। विवि के बिड़ला परिसर के अलावा छह निजी कॉलेजों में एमएड की पढ़ाई कराई जा रही है। कुल 245 सीटों पर काउंसिलिंग होनी है। मेरिट के आधार पर 327 छात्रों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया है। रिपोर्टिंग और काउंसिलिंग विवि के बिड़ला परिसर स्थित केंद्रीय लाइब्रेरी में आयोजित होगी।

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