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डेढ़ लाख से ज्यादा छात्रों की परीक्षा पर संकट

Pauri Updated Sun, 10 Feb 2013 05:31 AM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विश्वविद्यालय का प्रशासनिक भवन का ड्रामा छह दिन से चालू है। प्रशासन की मध्यस्थता में कई दौर की वार्ताएं हुईं हैं, मगर नतीजा जीरो ही निकला है। प्रशासनिक व्यवस्थाएं बुरी तरह चरमरा गई है। दैनिक वेतन कर्मचारी अडे़ हुए हैं, तो विवि प्रशासन भी बेफिक्र है। इन स्थितियों में डेढ़ लाख से ज्यादा छात्रों की वार्षिक परीक्षा पर संकट के बादल घने हो गए हैं। तालाबंदी, कार्य बहिष्कार के चलते वार्षिक परीक्षा की तैयारी पर ब्रेक लग गया है। कॉलेजों को भेजे जाने वाली प्रयोगात्मक परीक्षाओं की लिखित सूचना सहित पेपर सेटिंग कराने और परीक्षा फार्म विवि में जमा करने का काम सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
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गढ़वाल विवि की वार्षिक परीक्षाएं दो अप्रैल से शुरू होनी है। पांच फरवरी तक सभी कॉलेजों द्वारा विवि मुख्यालय में परीक्षा जमा करने की अंतिम तिथि रखी गई थी, लेकिन चार फरवरी से विवि में तालाबंदी होने के कारण अधिकांश कॉलेजों ने अभी तक परीक्षा फार्म जमा नहीं किए हैं। फार्म जमा होने के बाद विवि के परीक्षा सेक्शन को कॉलेजों से आए फार्मो की स्क्रूटनी भी करनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में भी काफी समय की आवश्यकता पड़ती है। इसके अलावा परीक्षा से पूर्व विवि को कॉलेजों के लिए प्रयोगात्मक परीक्षाओं की सूचना सहित पेपर सेटिंग का महत्वपूर्ण कार्य करवाया जाना है। इन सभी कार्यों का संपादन सुचारु रूप से करने के लिए विवि में तालाबंदी खुलनी जरूरी है। मगर इसकी सूरत नजर नहीं आ रही है।



यहां-यहां नुकसान
वार्षिक परीक्षाएं दो अप्रैल से होनी है, उसकी तैयारी पर असर
छात्रों को डिग्री और माइग्रेशन सर्टिफिकेट नहीं मिल पा रहे हैं
कई विषयों के रिजल्ट अभी खुलने शेष, आंदोलन से विलंब
एमएड प्रवेश काउंसिलिंग को निरस्त घोषित किया जा चुका
प्री-पीएचडी परीक्षा परिणाम का इंतजार और ज्यादा खिंचेगा




निशाने पर आए कुलपति, पुतला फूंका
भाजपा ने दिया आंदोलन को समर्थन
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़वाल विश्वविद्यालय में चल रहे दैनिक वेतन कर्मचारियों के आंदोलन के छठवें दिन कुलपति सबके निशाने पर आ गए। छात्रों और कर्मचारियों ने कुलपति का पुतला फूंका। इधर, आंदोलन के समर्थन में उतरी भाजपा ने भी कुलपति को ही इस अस्थिरता के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
समायोजन करने और मूल वेतन व अन्य सुविधाओं की रिकवरी न करने की मांग पर दैनिक कर्मचारी आंदोलित हैं। शनिवार को प्रशासनिक भवन में आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं की जाती, तब तक विवि में तालाबंदी जारी रहेगी। विवि के मुख्य गेट पर पुतला दहन के दौरान विवि शिक्षणेत्तर संघ के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी, सचिव मनोज रतूड़ी, गोविंद सिंह रावत, सतीश थपलियाल, पुष्कर सिंह चौहान, छात्र संघ के पूर्व महासचिव दर्शन सिंह दानू, अंकित कपरवाण, विकास कठैत, दीपक उनियाल, हिमांशु कंडारी मौजूद थे। दूसरी तरफ, दैनिक कर्मी राजेंद्र रावत और टिहरी परिसर के सुनील बिष्ट का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। दैनिक कर्मियों के समर्थन में छात्र संघ अध्यक्ष सुधीर जोशी व छात्र नेता प्रमोद बलूनी दूसरे दिन भी अनशन पर डटे रहे।

भाजपाइयों ने दिया समर्थन
दैनिक वेतन भोगी कर्मियों के आंदोलन को भाजपाइयों के अलावा राज्य आंदोलनकारी विमला कोटियाल ने भी समर्थन दिया है। अनशन स्थल पर पहुंचे भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र रावत, भारत भूषण कुकरेती, दिनेश असवाल, अवनीश सडाना, विमला कोटियाल ने कहा कि विवि में अस्थिरता का माहौल पैदा होने के लिए कुलपति पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। कहा वर्षो से सेवा दे रहे दैनिक कर्मियों के समायोजन के लिए कोई रास्ता निकाला जाना चाहिए, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।



चंबा/पौड़ी। एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के दैनिक कर्मचारियों के आंदोलन के समर्थन में बादशाही थौल परिसर में धरना शनिवार को भी जारी रहा। धरना देने वालों में राजेंद्र कठैत, रविंद्र नेगी, उतम तोमर, आरपी रतूडी और मुकेश कुमार शामिल थे। दूसरी तरफ, पौड़ी परिसर में हुई बैठक में छात्र संघ अध्यक्ष कमलेश रावत और विवि प्रतिनिधि गंभीर नेगी ने कहा कि दस वर्ष से अधिक सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को विवि में ही समायोजित किया जाना चाहिए।


अधिकारियों के आवास पर करेंगे प्रदर्शन
श्रीनगर। गढ़वाल विवि के दैनिक वेतनभोगी कर्मियों के समायोजन की मांग को लेकर आंदोलनरत संगठनों ने मंगलवार से आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। साथ ही मंगलवार से विवि के अधिकारियों के आवास के समक्ष दो-दो घंटे धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
विवि यूनियन हाल में कर्मचारी यूनियन, छात्र प्रतिनिधि और दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की बैठक हुई, जिसमें मंगलवार से कुलसचिव, वित्त अधिकारी और उप कुलसचिव के आवासों के समक्ष दो-दो घंटे धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। बैठक में विवि कर्मचारी परिषद के संरक्षक गोविंद सिंह रावत, अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भंडारी, महासचिव मनोज रतूड़ी, दैनिक वेतन भोगी कर्मी संगठन के संयोजक कमलेश नैथानी, छात्र प्रतिनिधि अंकित कप्रवाण, दर्शन दानू आदि मौजूद थे।

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