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नगर विस्तार की कवायद पर भड़के ग्रामीण

Pauri Updated Sat, 29 Dec 2012 05:30 AM IST
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श्रीनगर। नगर पालिका के विस्तार के लिए शुरू की गई कवायद पर डांग-ऐठाणा और उफल्डा के लोग भड़क उठे हैं। शुक्रवार को ग्रामीणों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने इस मौके पर दो टूक कहा कि पालिका क्षेत्र में गांवों को शामिल करने के निर्णय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में पर्याप्त सुविधाएं हैं। यदि सुविधाएं विकसित करने के नाम पर ग्राम पंचायतों को पालिका में शामिल किया जा रहा है तो पहले पालिका अपने वार्डों की समस्याओं को दूर करे।
तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन करने पहुंचे उफल्डा गांव के ग्रामीणों का नेतृत्व प्रधान रमेश रावत ने किया। उन्होंने कहा कि उफल्डा अटल आदर्श ग्राम के अंतर्गत है। उक्त ग्राम पंचायत निर्मल ग्राम पुरस्कार से भी पुरस्कृत हो चुकी है। इसके अलावा गांव में विद्यालय, नालियां, आंगनबाड़ी केंद्र, अस्पताल, पंचायत भवन आदि सभी सुविधाएं हैं। ऐसे में केवल टैक्स की दोहरी मार झेलने के लिए ग्रामवासी किसी भी हाल में पालिका में शामिल नहीं होना चाहते हैं। कहा यदि एक सप्ताह के अंदर शासन-प्रशासन की ओर से इस मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो ग्रामीणों को श्रीनगर-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने के लिए विवश होना पड़ेगा। मौके पर ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी, मनमोहन सजवाण, गुमान सिंह नेगी, सोनू धनाई, महेंद्र भंडारी, भगत सिंह बिष्ट, सीमा देवी, यशोदा भंडारी, उर्मिला देवी आदि शामिल रहे।
दूसरी ओर धरना-प्रदर्शन कर रहे डांग-ऐठाणा के ग्रामीणों ने कहा कि डांग को पालिका में शामिल किए जाने से जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत की सीटें प्रभावित हो रही हैं। ग्राम सभा में वर्तमान में सभी सुविधाएं हैं। घनी बस्तियां होने के कारण भविष्य में पालिका की ओर से यहां सड़क निर्माण किया जाना संभव नहीं है। ऐसे में केवल जेब खाली करने के लिए ग्रामीण पालिका में शामिल होने के इच्छुक नहीं है। विरोध करने वालों में पूर्व प्रमुख भगवती प्रसाद घिल्डियाल, ग्राम प्रधान सरोजनी मियां, शंकुतला देवी, कमला देवी, मीना देवी, हरीश चंद्र, गुणानंद, राजेंद्र घिल्डियाल, हरीश घिल्डियाल, कल्पेश्वरी, रजनी, यशोदा देवी आदि शामिल रहे।
श्रीकोटवासियों के भी तेवर तल्ख
नगर पालिका श्रीनगर में शामिल होने के पक्ष में श्रीकोट-गंगानाली के ग्रामीण भी नहीं है। हालांकि यहां के ग्रामीण यह नहीं चाहते कि उनके यहां का गांव का स्वरूप ही बरकरार रहे। वे इसकी जगह अलग से नगर पंचायत बनाने की मांग कर रहे हैं। श्रीकोट गंगानाली के लोगों ने कुछ दिन पहले विरोध-प्रदर्शन भी किया था। ग्रामीण इस मामले में आंदोलन तेज करने पर विचार कर रहे हैं।
विरोध न करें लोग, विकास होगा: जैन
श्रीनगर नगर पालिका के अध्यक्ष मोहन लाल जैन का कहना है कि श्रीनगर को महानगर पालिका के स्वरूप में लाने का उद्देश्य पालिका क्षेत्र से सटे गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। प्रथम चरण में उफल्डा, खोला, डांग, श्रीकोट, घसियामहादेव क्षेत्र को पालिका में शामिल कर इस योजना को मूर्त रूप दिया जाना है। पालिका क्षेत्र में आने से इन ग्राम पंचायतों में सड़क, स्ट्रीट लाइट, बिजली, पानी, सीवर आदि सुविधाएं विकसित होगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से श्रीनगर को महानगर पालिका के रूप में शामिल किए जाने की कवायद की जा रही है। अब सरकार व शासन स्तर से योजना को अमलीजामा पहनाने की पहल की जा रही है। दूसरे चरण में नैथाणा, चौरास के क्षेत्र को भी इसमें शामिल किए जाने की योजना है। इसके लिए पूरा नक्शा तैयार किया गया है। उन्होंने संबंधित ग्राम पंचायतों का पर्याप्त विकास के लिए महानगर पालिका में शामिल होना जरूरी है। इस संदर्भ में अंतिम निर्णय शासन को लेना है।

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