इंजीनियर तो पहुंचे लेकिन मशीनें नहीं

Pauri Updated Mon, 24 Dec 2012 05:30 AM IST
श्रीनगर। चौरास पुल का बनते-बनते टूट जाना आम आदमी के लिए क्या मायने रखता है, यह इंजीनियर समझना ही नहीं चाहते तभी तो चौरास पुल के पुनर्निर्माण का कार्य रविवार से शुरू नहीं किया गया। लिखित में देने के बाद भी रुड़की से आईआईटी टीम तो यहां पहुंच गई लेकिन मशीनें नहीं पहुंची।
सात दिसंबर को आईआईटी रुड़की के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. एस मित्तल से लोनिवि के ईई ने चौरास पुल के पुनर्निर्माण के लिए सर्वे के लिए बात की थी। इसके बाद ही लोनिवि ने सर्वेक्षण के लिए मांगे गए खर्च का अग्रिम भुगतान 2 लाख 70 हजार कर दिया गया। पहले तो इंजीनियरिंग विभाग ने मशीनों को पहुंचाने के लिए उचित रास्ता बनाने की मांग की अब जब रास्ता बन गया तो शनिवार को आईआईटी के दो इंजीनियर यहां पहुंचे, लेकिन मशीनें रविवार शाम तक भी नहीं पहुंच पाई हैं। आईआईटी रुड़की ने शनिवार तक इंजीनियरों की टीम और मशीनें श्रीनगर पहुंचने और रविवार से काम शुरू होने की लिखित सूचना दी थी लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया। तकनीशियनों की मेहमाननवाजी में जुटे लोनिवि के इंजीनियरों को भी यह नहीं पता की मशीनें यहां क्यों नहीं पहुंच र्पाइं।

इंसेट
तो आज से होगा सर्वे
- इंजीनियरों की टीम शनिवार को श्रीनगर पहुंच गई है। मशीनें रविवार देर शाम तक हर हाल में पहुंच जाएंगी और सोमवार से सर्वे कार्य शुरू हो जाएगा। - पीसी जोशी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग।

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