‘तीलू सच्ची नायिका, न कि सिने तारिकाएं’

Pauri Updated Thu, 13 Dec 2012 05:30 AM IST
श्रीनगर। स्वतंत्र पत्रकार एवं वरिष्ठ लेखक शिवराज सिंह रावत नि:संग की 18वीं पुस्तक ‘मानव अधिकार के मूल तत्व’ का विमोचन विश्व मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को किया गया। तीलू रौतेली के जीवन दर्शन को प्रस्तुत करते उनके गढ़वाली खंडकाव्य ‘वीरबाला’ का विमोचन भी किया गया। इस मौके पर कहा गया कि बहादुरी की मिसाल तीलू रौतेली सच्ची नायिका रही हैं, न कि आज की सिने तारिकाएं।
गढ़वाल मंडल विकास निगम के यात्री विश्राम गृह में आयोजित विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि गढ़वाल विवि के राजनीति शास्त्र विभाग के प्रो.रामानंद गैरोला थे। उन्होंने कहा कि नि:संग का जीवन अपने आप में एक दर्शन के समान है। उत्तराखंड के भूगोल से निकलकर सेना में नौकरी करने तथा वहां से लौटकर डेढ़ दर्जन पुस्तकों का प्रकाशन उनके जीवन दर्शन की अनुभूति स्वयं ही करा देता है। उन्होंने मानव अधिकार के मूल तत्व पुस्तक को राजनीति से लेकर दर्शन तथा अन्य सभी जानकारीपरक विषयों में शोध के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी प्रो.डीआर पुरोहित ने कहा कि खंडकाव्य वीरबाला तीलू रौतेली के जीवन की शोधपरक रचना है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी चंद्र सिंह गढ़वाली के जीवन दर्शन पर नि:संग श्रेष्ठ रचना प्रकाशित कर चुके हैं। इस मौके पर कवि नीरज नैथानी ने कहा कि तीलू रौतेली जैसी सिंहनी ही सच्ची नायिका है, न कि सिने तारिकाएं। लेखक शिवराज सिंह ने बढ़ते सांस्कृतिक संकट से बचने का सभी से आह्वान किया। साथ ही कहा कि उत्तराखंड समाज के गौरवशाली अतीत को बचाए रखने के लिए सबको प्रयास करने होंगे। संचालन चरण सिंह केदारखंडी ने किया। इस मौके पर डा.अरविंद दरमोड़ा, चित्रकार जयकृष्ण पैन्यूली, डा.सीएस चैतन्य, डा.राकेश नेगी, महेश गिरि, संदीप रावत, सीएस भंडारी, कैलाश गौड़ आदि मौजूद थे।


नि:संग की पूर्व में प्रकाशित पुस्तकें-
गायत्र्यूपासना एवं दैनिक वंदना, श्री बदरीनाथ धाम दर्पण द्वितीय, उत्तराखंड में नंदा जात, कालीमठ-कालीतीर्थ, उत्तराखंड में शाक्त मत और चंडिका जात, पेशावर गोलीकांड के लौह पुरुष (वीर चंद्र सिंह गढ़वाली), भारतीय जीवन दर्शन और सृष्टि का रहस्य, षोडश संस्कार क्यों?, केदार हिमालय और पंचकेदार, भाषा तत्व और आर्य भाषा का विकास, बीती यादें, गढ़वाली-हिंदी व्याकरण, भारतीय जीवन दर्शन और कर्म के आदर्श, गीता-ज्ञानतरंगिणी।

Spotlight

Most Read

Rohtak

जीएसटी विभाग ने ई-वे बिल को लेकर जांच किया अवेयरनेस कैंपेन

जीएसटी विभाग ने ई-वे बिल को लेकर जांच किया अवेयरनेस कैंपेन

19 जनवरी 2018

Related Videos

देहरादून में हुआ शानदार कार्यक्रम, झूमते नजर आए आम लोग

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अखिल गढ़वाल सभा की ओर से परेड ग्राउड में उत्तराखंड महोत्सव ‘कौथिग’ में पांचवे दिन लोक गायकों के गीत का जादू लोगों के सर चढ़कर बोला। लोकगायक अनिल बिष्ट, संगीता ढौडियाल, कल्पना चौहान, हीरा सिंह राणा ने समा बांध दिया।

30 अक्टूबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper