ह्यूंद का दिना, फिर बौड़ि ऐगिना.....

Pauri Updated Fri, 30 Nov 2012 12:00 PM IST
श्रीनगर। बैकुंठ चतुर्दशी के अवसर पर तीसरे दिन आयोजित सांध्यकालीन कार्यक्रमों में प्रीतम भरतवाण और मीना राणा के गीतों में श्रोता देर रात तक डूबे रहे। रात साढ़े बारह बजे लोकगायक प्रीतम भरतवाण ने श्रोताओं से फरमाइश पूरी न कर पाने का आग्रह करते हुए कार्यक्रम का समापन पंडवाणी गाकर किया।
जीआईएंडटीआई मैदान में आयोजित प्रीतम भरतवाण नाइट का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोला। नारैणी दुर्गा भवानी जागर के साथ प्रीतम ने कार्यक्रम की शुरूआत की। जिसे आगे बढ़ाने का काम प्रसिद्ध लोकगायिका मीना राणा ने किया। ह्यूंद का दिना फिर बौड़ि ऐ गैना, ओ साइबा तथा लौंडा चंदरा जैसे गीतों के साथ मीना राणा ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखने में पूरी-पूरी भूमिका निभाई।
प्रसिद्ध लोकगायक प्रीतम भरतवाण ने मोरी रख्या खोली, गजमाला, सरूली मैरू जिया लगीगे, तेरी रौंतेलि मुखेड़ि मा जैसे गीतों के साथ युवा वर्ग को प्रभावित करने की पूरी कोशिश की। अर्धरात्रि के बाद उन्होंने दर्शकों की फरमाइश सूची को पूरा करने में खुद को असमर्थ बताया। उन्होंने पांडवानी के साथ कार्यक्रम का समापन किया। देर रात तक महिला दर्शक गीतों का आनंद लेती रही और टस से मस नहीं हुई। इस मौके पर हास्य कलाकार किशना बगौट ने भी दर्शकों को खूब गुदगुदाया। कार्यक्रम का संचालन गजेंद्र नौटियाल और सुधांशु नौडियाल ने किया। ढोलक पर सतीश, हारमोनियम में विनोद, हुड़का पर जगमोहन तथा ढोल पर कीर्ति ने सहयोग किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि बेस अस्पताल के डिप्टी एमएस डा.पवन रैंथवाल व पालिका अध्यक्ष मोहन लाल जैन ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।


ईरम और प्रिया ने लगाई सबसे अच्छी मेंहदी
श्रीनगर। बैकुंठ चतुर्दशी मेले के उपलक्ष्य मेंहदी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सीनियर वर्ग में राजकीय बालिका इंटर कालेज श्रीनगर की ईरम और जूनियर वर्ग में स्वामी ओमकारनंद जूनियर हाईस्कूल श्रीकोट की प्रिया रावत की मेंहदी को प्रथम स्थान मिला। सीनियर वर्ग में सेंट थेरेसॉस कान्वेंट स्कूल की प्रज्ञा तोमर और जूनियर वर्ग में रेनबो पब्लिक स्कूल की स्वस्तीश्री चंदोला ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सीनियर वर्ग में रेनबो पब्लिक स्कूल की अनामिका त्रिपाठी और जूनियर वर्ग में राबाइंका श्रीनगर की हिना परवीन तृतीय रही। प्रतियोगिता के निर्णायक नीमा पुरी और आयशा रही। मेंहदी प्रतियोगिता के प्रभारी राकेश सेमवाल और आशा बिष्ट रही। प्रतियोगिता के समापन में रेखा तोमर ने सहयोग दिया।

रंगोली में शिवानी, निधि और रश्मि ने मारी बाजी
श्रीनगर। बैकुंठ चतुर्दशी मेले के उपलक्ष्य में नगर पालिका सभागार में आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में सीनियर वर्ग में रेनबो स्कूल की शिवानी बागड़ी व निधि चौहान प्रथम रहीं। जबकि सरस्वती विद्या मंदिर श्रीकोट की राखी और मनीषा राणा द्वितीय, राउमावि उफल्डा की माधुरी और नीतिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं जूनियर वर्ग में राउमावि उफल्डा की रश्मि ने प्रथम, देवभूमि पब्लिक स्कूल नकोट की सौजन्य व वैशाली ने द्वितीय और मार्डन जूनियर हाईस्कूल श्रीनगर की साक्षी और सुविधा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के निर्णायक आशा बिष्ट तथा राकेश सेमवाल रहे।

पानी के छिड़काव से धूल से मिली निजात
श्रीनगर। बैकुंठ चतुर्दशी मेला स्थल में बृहस्पतिवार को पालिका परिषद की ओर से पानी का छिड़काव किए जाने से लोगों को उड़ती धूल से निजात मिली। अमर उजाला ने बुधवार के अंक में ‘धूल ने उड़ाई बैकुंठ चतुर्दशी मेले की रंगत’ शीर्षक के साथ खबर प्रकाशित की थी, जिसमें धूल से लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर को प्रमुखता से उठाया गया। खबर का संज्ञान लेते हुए पालिका परिषद ने बृहस्पतिवार को मेला स्थल के आस-पास पानी का छिड़काव किया जिससे लोगों को समस्या से नहीं जूझना पड़ा। मेला घूमने आए विवेक बिष्ट, शांति देवी, अनूप, विकास नेगी आदि ने मेले के दौरान हर रोज दो-तीन बार पानी के छिड़काव की मांग की है।

लाउडस्पीकर के शोर से लोग परेशान
श्रीनगर। बैकुंठ चतुर्दशी मेले में लगे खेल-तमाशों, सर्कस, चर्खी संचालकों की ओर से लगाए गए उच्च तीव्रता के लाउडस्पीकरों के कानफोड़ू शोर से मेले में आ रहे लोगों को भारी दिक्कतें हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने चर्खी एवं अन्य खेल-तमाशा संचालकों से लाउडस्पीकरों की आवाज कम करने की मांग की थी लेकिन उन्होंने मांग को गंभीरता से नहीं लिया। लोगों का कहना है कि ध्वनि की क्षमता अधिक होने से ध्वनि प्रदूषण की समस्या पैदा हो रही है। छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन भी प्रभावित हो रहा है। छात्र संघ महासचिव कीर्ति सिंह नेगी, सह सचिव दीपक भंडारी आदि छात्र नेताओं ने एसडीएम से मेले में लगे लाउडस्पीकरों का शोर कम कराने की मांग की है।

प्रशासन के निर्देश भी नहीं माने
बैकुंठ चतुर्दशी मेला : चरखी संचालकों ने नहीं किए रेट कम
श्रीनगर । बैकुंठ चतुर्दशी मेले में प्रशासन के कहने के बावजूद बड़ी चरखियों और अन्य तमाशों का मूल्य कम नहीं हो पाया। चरखी संचालकों को प्रशासन ने 40 रुपये के स्थान पर 30 रुपये मूल्य करने के निर्देश दिए थे लेकिन चरखी संचालकों ने रेट कम नहीं किए। ऐसे में मेले में बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोग निराश होकर लौट रहे हैं।
उपजिलाधिकारी रजा अब्बास ने कहा कि बुधवार को ही 40 मूल्य के खेल-तमाशों और चरखियों का मूल्य 10 रुपये कम करने को कहा गया था, यदि चरखी संचालक ने रेट कम नहीं किए तो उनसे बात की जाएगी।
इंसेट
छात्र नेताओं ने भी दिया ज्ञापन
श्रीनगर। बैकुंठ चतुर्दशी मेले के प्रति युवाओं के उत्साह को देखते हुए चरखियों का मूल्य कम करने के लिए छात्र नेताओं ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। छात्र नेताओं ने ज्ञापन में कहा कि अपने घर-परिवार से दूर रह रहे विद्यार्थियों के लिए यदि मूल्य कम नहीं किया गया, तो वे मेले का आनंद नहीं उठा पाएंगे। ज्ञापन पर विवि छात्र संघ उपाध्यक्ष विकास पंवार, महासचिव कीर्ति सिंह नेगी, दिव्यांशु बहुगुणा, रैज्जी सिंध, रविंद्र सिंह रावत, दीपक भंडारी और अमित चौहान आदि के हस्ताक्षर हैं।

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