टीचर जानेंगे, टाइगर से कैसे बचें

Pauri Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
कोटद्वार। पहाड़ की आम समस्या बाघ, गुलदार के हमले से जुड़ी है। इनसे कैसे बचे, शिक्षकों को यह यह वन विभाग सिखाएगा। मकसद ये ही है कि जागरूकता की कड़ी यह वन विभाग से शिक्षकों और शिक्षकों से छात्रों तक जुडे़। वन विभाग के सहयोग से विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों को ‘टीचर्स फॉर टाइगर’ के नाम से ट्रेनिंग दी जा रही है। इसमें उन्हें टाइगर के हमले अथवा उनके माध्यम से किसी प्रकार की दिक्कत करने पर किस प्रकार से बचा जाए के संबंध में जानकारी दी जा रही है। कोटद्वार के पनियाली रेंज आफिस में तीन दिवसीय शिविर लगाया गया है।
इस शिविर के माध्यम से वन विभाग के अधिकारी और वन्य जीव विशेषज्ञ कोटद्वार और आसपास के करीब 25 विद्यालयों के शिक्षकों का सीधा संवाद हो रहा है। शिविर के माध्यम से मानव-टाइगर संषर्घ को रोकने, उससे निपटने और उससे बचने के उपाय बताए जा रहे हैं। सोमवार को भी उनकी ओर से शिक्षकों को जानकारी दी गई। यहां से जानकारी प्राप्त करके शिक्षक उसके बारे में स्कूलों में जाकर वहां के छात्रों को जानकारी देंगे। इस बारे में प्रभागीय वनाधिकारी लैंसडौन वन प्रभाग नरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि तीन दिन तक चलने वाले इस शिविर से काफी जागरूकता और जानकारी लोगों को हो जाएगी।

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