‘दीप सम हम जले दूसरों के लिए’

Pauri Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
कोटद्वार। दीपावली के उपलक्ष्य में आयोजित काव्य गोष्ठी में कई रंग बिखरे। कवियों की हर रचना पर श्रोताओं ने दाद दी।
साहित्यांचल संस्था की काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपनी रचनाओं की पंक्तियों से सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। काव्य गोष्ठी पर संस्था और बाहर से आए कवियों ने काव्य पाठ किया। इस दौरान डा. रणवीर चौहान ने तीलू रौतेली गाथा ‘पहले रणसाज हम भेजे जाएंगे‘, एसपी कुकरेती ने अपने अंदाजे बयां में ‘दीप सम हम जले दूसरों के लिए’ से सभी को मंत्र मुग्ध किया। डा. नंदकिशोर ढौंडियाल ने दीपों के पर्व का महत्व बताते हुए ‘ज्योति पर्व है ज्योति के प्रसारण का पर्व...कविता सुनाई। वहीं डा. शैवाल की गजल ‘मुझको पता नहीं है पर सबको पता है’ ने सभी को बांधे रखा। इसके साथ ही नजीबाबाद से विशेष आमंत्रण पर आए प्रदीप डेजी और राजेश मिश्रा ने अपनी रचनाओं से सभी को आनंदित किया। इससे पहले, संस्था के संरक्षक वेद प्रकाश माहेश्वरी शैवाल, चक्रधर शर्मा कमलेश और संस्था के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश नैथानी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर डा. चंद्रमोहन बड़थ्वाल, उर्मिला काला, अनसुया प्रसाद डंगवाल, जनार्दन बुड़ाकोटी और सुरेंद्र सिंह नेगी सहित कई लोग मौजूद रहे।

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