गला रेत कर महिला की हत्या, सनसनी

Pauri Updated Sat, 10 Nov 2012 12:00 PM IST
कोटद्वार। शुक्रवार को ग्रास्टनगंज क्षेत्र में महिला का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। उसकी गला रेत कर हत्या की आशंका जताई जा रही है। मृत महिला का शव सड़क से महज दस मीटर की दूरी पर पड़ा हुआ मिला। पुलिस को लाश पडे़ होने की जानकारी ग्रामीणों ने दी। मृतका का चेहरा भी तेजाब से जलाया गया मालूम पड़ता है। देर शाम को देहरादून से पौड़ी लौटते वक्त एसपी पौड़ी विमला गुंज्याल ने घटनास्थल का मुआयना किया।
मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह के वक्त एक स्थानीय युवक जंगल की ओर जा रहा था। जैसे ही वह जंगल की ओर मुड़ा, सड़क से महज दस मीटर की दूरी पर उसे महिला का शव पड़ा हुआ दिखा। इसकी जानकारी उसने पुलिस को दी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। महिला के गले को धारदार हथियार से रेता गया है। उसके सिर पर भी धारदार हथियार से हमले के निशान हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गले में फंदा भी लगाया गया था। घटना स्थल पर खून के काफी छींटे देखे गए। घटनास्थल की पूरी स्थिति वहां पर हुए संघर्ष की दास्तान को भी बंया कर रही थी। पुलिस की ओर से कई लोगों को मौके पर शिनाख्त के लिए बुलाया गया। हाल में ही दर्ज हुए गुमशुदा महिलाओं के परिजनों को भी बुलाया गया, लेकिन शिनाख्त नहीं हो पाई। महिला नेपाली मूल की मानी जा रही है। महिला की उम्र लगभग 25 साल है। उसके हाथों में सजी मेहंदी और पैरों में बिछुए देखकर उसे विवाहित माना जा रहा है।


पहले भी हो चुकी है घटना
कोटद्वार। ग्रास्टनगंज क्षेत्र में पहाड़ी पर पहले भी एक घटना हो चुकी है। इसमें भी महिला को लगभग इसी तरह जलाया गया था। बताया जा रहा है कि साल 2010 में हुई घटना में मृतका नेपाली मूल की थी, लेकिन उस घटना का आज तक खुलासा नहीं हो पाया है। शुक्रवार को हुई घटना में मृत महिला को भी नेपाली मूल का माना जा रहा है।


विधि विज्ञान प्रयोशागशाला दून की टीम पहुंची
कोटद्वार। ग्रास्टनगंज में मिले महिला के शव की जांच के लिए देहरादून से विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम बुलाई गई है। यह टीम यहां तुरंत पहुंच गई। टीम ने शव की गहनता से जांच की और जरूरी तथ्य जुटाए। शव को शिनाख्त के लिए 72 घंटे तक रखा जाएगा। शिनाख्त होने और नहीं होने की स्थिति के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव को मोर्चरी में रखा गया है। रचना हत्याकांड में चोट खा चुकी पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां इस मामले मे कोई कोताही नहीं बरतना चाह रही हैं। इसके चतले ही जांच में गंभीरता बरती जा रही है। रचना हत्याकांड में घटना से जुड़े सबूतों को और अन्य जरूरी तथ्यों का ध्यान नहीं रखा गया था। इन सब बातों के चलते ही आज तक रचना हत्या कांड का खुलासा नहीं हो पाया है।

चुनौती से पार पाने में छूट रहे पसीने
एक के बाद एक मामले में उलझ रही कोतवाली पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। क्षेत्र की कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। कानून व्यवस्था को बनाए रखना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस प्रयास भी कर रही है, मगर इन चुनौतियों से पार पाने में उसे पसीने छूट रहे हैं। एक के बाद एक आपराधिक घटनाओं से पुलिस के ऊपर दबाव तारी है।
पिछले कुछ महीनों में कोटद्वार क्षेत्र में कई बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। शहर और आस-पास के क्षेत्रों में पिछले तीन माह तीन हत्याएं हुई हैं। सबसे पहले रचना हत्याकांड की गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं पाई है। भाबर क्षेत्र में फैक्ट्री कर्मी भैरव दत्त की दिन दहाड़े हत्या कर दी गई। इससे पहले, भाबर में ही एक और हत्या का मामला सामने आया था। अपराधियों के बढे़ हुए हौसलों की बानगी हास्पिटल में घुसकर कुल्हाड़ी चलाने की घटना से भी महसूस की जा सकती है। चोरी और मारपीट की घटनाएं यहां आम हो चली हैं। चेन स्नेचिंग की अभी तक लगभग दो दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस एक भी मामले का खुलासा अब तक नहीं कर पाई है।

इनसेट-


ऐसे में कैसे सुधरे कानून व्यवस्था
कोटद्वार। आखिर शहर की कानून व्यवस्था सुधरे भी तो कैसे। कोटद्वार जैसी संवेदनशील कोतवाली में पिछले पांच महीने में तीन कोतवाल बदले जा चुके हैं। बीएल हिंदवाल को कुछ समय पहले तब यहां भेजा गया, जबकि उनके रिटायर्ड के ज्यादा दिन नहीं बचे थे। उनके जाने के बाद बीएस भाकुनी को यहां की जिम्मेदारी दी गई। उनको कुछ मामलों में शिकायतें मिलने के बाद सस्पेंड कर हटा दिया गया। यहां अभी कुछ दिन पहले आई कोतवाल अंशु चौधरी इससे पहले यहां की स्थिति समझ पाती, उनका ट्रांसफर आर्डर भी आ गया है।

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