विवि के अनुमोदन बगैर बीएड प्रवेश अमान्य

Pauri Updated Thu, 08 Nov 2012 12:00 PM IST
श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि और निजी बीएड कॉलेजों की बीच चल रही तकरार थमने का नाम नहीं ले रही है। विवि ने स्पष्ट किया है कि निजी बीएड कॉलेजों को गढ़वाल केंद्रीय विवि का बीएड पाठ्यक्रम संचालित कराने के लिए विवि की शर्तो का अनुपालन हर स्थिति में करना होगा।
गढ़वाल केंद्रीय विवि ने बीएड पाठ्यक्रम संचालित करा रहे लगभग 46 निजी बीएड कॉलेजों को एनसीटीई और विवि द्वारा निर्धारित औपचारिकताएं पूर्ण करने के प्रतिबंध के साथ ही प्रवेश दिलाने की अनुमति दी है। एनसीटीई से मान्यता प्राप्त इन संस्थानों को विवि से संबद्धता विस्तारित कराने के लिए विवि की निरीक्षण कमेटियों से निरीक्षण कराना जरूरी बताया जा रहा है। विवि का कहना है कि बीएड पाठ्यक्रम संचालित कराने के इच्छुक निजी बीएड कॉलेजों द्वारा आवेदन करने पर ही विवि द्वारा इनका निरीक्षण कराया जाएगा, जबकि निजी बीएड कॉलेजों का तर्क है कि निरीक्षण करना विवि का अधिकार है, विवि कभी भी निरीक्षण के लिए टीम भेज सकता है। ऐसी स्थिति में विवि द्वारा प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने व प्रवेशित अभ्यर्थियों की सूची अनुमोदन के लिए दी गई कट ऑफ डेट का किस तरह पालन हो पाएगा इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।


कोट-
बीएड सत्र पहले ही काफी लेट हो गया है, ऐसे में बीस नवंबर तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी होनी जरूरी है। तीस नवंबर तक सभी बीएड कॉलेजों को प्रवेशित अभ्यर्थियों की सूची विवि से अनुमोदित करानी आवश्यक है। तभी संबधित बीएड कॉलेजों द्वारा किए गए प्रवेश मान्य होंगे। इससे पहले बीएड कॉलेजों को संबद्धता विस्तारित करने की प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी। ऐसी स्थिति में संस्थान में किए गए प्रवेशों की संपूर्ण जिम्मेदारी संबधित संस्थान व छात्र की होगी।
प्रो. एलजे सिंह, ओएसडी परीक्षा, गढ़वाल केंद्रीय विवि।

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