जिसको बना रहे थे लैंसडौन, आज है उपेक्षित

Pauri Updated Thu, 08 Nov 2012 12:00 PM IST
दुगड्डा। ब्रिटिश शासन काल में पहले जिस पुरानकोट गांव की जगह पर लैंसडौन शहर बनाया जा रहा था, वह आज उपेक्षित है। क्षेत्र में अंग्रेजों के द्वारा बनाए गए बंगलों के अवशेष मात्र बचे हैं। मुख्य सड़क मार्ग से कई किमी पैदल चढ़ाई पर होने की वजह से यह गांव आज भी विकास की किरण से काफी दूर है।
अंग्रेज जब कुमाऊं से यहां आए थे तो उन्होंने पहले बंगला गांव के बड़े-बडे़ भूखंडों को चुना। यहां पर खेत इतने लंबे-लंबे हैं कि उनमें हवाई पट्टी तैयार की जा सकती है। इस क्षेत्र में उन्होंने एक बंगला भी बना दिया था। लेकिन अंग्रेजों ने बाद में लैंसडौन को कालौंडांडा स्थानांतरित कर दिया। उसके बाद से आज भी यह गांव विकास की बाट जोह रहा है।

गांव में वर्तमान समस्याएं
कई किमी की चढ़ाई चढ़ने के बाद पहाड़ की चोटी पर बसा यह गांव बेहद खूबसूरत है। करीब 180 लोगों की आबादी वाले इस गांव में सड़क प्रमुख समस्या है। गांव के लोग पैदल ही दुगड्डा तक आते हैं।

प्राथमिक के बाद शिक्षा नहीं
गांव में प्राथमिक विद्यालय है। लेकिन उसके आगे की शिक्षा के लिए छात्रों को दूरस्थ गांवों में जाना पड़ता है। जंगली रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। यही कारण है कि गांव में साक्षर लोग कम हैं।

क्या कहना है ग्रामीणों का
यहां अंग्रेजों ने लैंसडौन नगर को बसाने की शुरूआत की थी। एक बंगला बनाया था। जब लैंसडौन को यहां से कालौंडांडा शिफ्ट किया गया था तब हम काफी छोटे थे। लेकिन हमारे सामने यह प्रक्रिया हुई थी।
- अली बख्श, 80 वर्षीय वृद्ध ग्रामीण

गांव में किसी तरह की कोई सुविधा नहीं है। खेती के अलावा रोजगार के कोई साधन नहीं हैं। खेती भी आसमान के भरोसे है।
- हसिया

गांव में जो भी सब्जी आदि का उत्पादन होता है उसको दुगड्डा में बेचते हैं। जंगली जानवरों का खतरा तो बना रहता है।
-शाहदुद्दीन

राजस्व गांव पुरानकोट के तोक बंगला में विकास कार्य पूरी तरह से ठप हैं। पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त है। सड़क तो अभी सपना ही है। -मुस्ताक अली

- गांव में रास्ते के लिए मनरेगा के तहत कार्ययोजना भेजी है। गांव की समिति बनाकर बागवानी और कृषि के लिए धन की व्यवस्था हो सकती है। वन्य जीवों से फसल को बचाने के लिए ब्लाक स्तर से सुरक्षा दीवार बनाई जा सकती है।
- पुष्पेद्र सिंह चौहान, बीडीओ दुगड्डा

Spotlight

Most Read

National

राजनाथ: अब ताकतवर देश के रूप में देखा जा रहा है भारत

राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से नया आयाम मिला है।

22 जनवरी 2018

Related Videos

देहरादून में हुआ शानदार कार्यक्रम, झूमते नजर आए आम लोग

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अखिल गढ़वाल सभा की ओर से परेड ग्राउड में उत्तराखंड महोत्सव ‘कौथिग’ में पांचवे दिन लोक गायकों के गीत का जादू लोगों के सर चढ़कर बोला। लोकगायक अनिल बिष्ट, संगीता ढौडियाल, कल्पना चौहान, हीरा सिंह राणा ने समा बांध दिया।

30 अक्टूबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper