काश्तकारों की मेहनत पर टूट रहा बंदरों का कहर

Pauri Updated Sat, 03 Nov 2012 12:00 PM IST
पौड़ी। बंदर और सुअर लगातार फसलों को चौपट कर रहे हैं। जिससे काश्तकार परेशान हैं।
हाल के वर्षों में कभी मौसम की बेरुखी तो कभी जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान ने काश्तकारों की मेहनत पर पानी फे रा है। महीनों की मेहनत पर जंगली जानवर ऐसा कहर ढाते हैं कि अनाज तो दूर पशु चारे से भी हाथ धोना पड़ रहा है। ढुंगी के क्षेत्र पंचायत सदस्य कैलाश बिष्ट बताते हैं कि एक फसल पर काश्तकार कम से कम चार या पांच महीने मेहनत करते हैं। लेकिन फसल तैयार होने से पहले ही बंदरों की टोलियां उस पर टूट पड़ती है। ग्रामीणों के मुताबिक शहरी क्षेत्रों से बंदर उनके क्षेत्रों में छोड़े जा रहे हैं। किसान सभा के जनपद संयोजक सुरेंद्र रावत ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जंगली जानवरों से किसानों की सुरक्षा की मांग उठाई है। कहा कि कुंभ मेला क्षेत्र से बंदरों को ट्रकों में भरकर पहाड़ी क्षेत्रों में छोड़ा जा रहा है। ऐसी हरकतें गांवों को और अधिक उजाड़ कर देंगी। उन्होंने जंगली जानवरों से सुरक्षा एवं नुकसान का मुआवजा देने की मांग उठाई है।

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