दीपावली के दौरान वन वे रहेगा ट्रैफिक

Pauri Updated Tue, 30 Oct 2012 12:00 PM IST
कोटद्वार। दीपावली में शहर का ट्रैफिक वन वे रहेगा। इसके अलावा दीपावली पर पटाखों की दुकान केवल मालवीय उद्यान और मोटर नगर में ही लगाई जा सकेंगी। पुलिस, प्रशासन और व्यापारियों के बीच सोमवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिए गए। दीपावली के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था पटरी से न उतरे, इसके लिए बैठक में विस्तार से चरचा हुई। प्रशासन की तरफ से आए सुझावों पर व्यापारियों ने सकारात्मक रुख अपनाया। लिए गए निर्णय छह से 15 नवंबर तक ही लागू रहेंगे।
नो एंट्री का समय सुबह नौ बजे से दिन में एक बजे तक और शाम को पांच से सात बजे तक निर्धारित किया गया है। कोतवाली में आयोजित बैठक में एसडीएम अनिल गर्ब्याल, सीओ अरुणा ने व्यापारियों से तमाम बिंदुओं पर बात की। तय किया गया कि रेहड़ी ठेली वालों का सत्यापन किया जाएगा। बिना लाइसेंस के रेहड़ी ठेली वालों की रेहड़ी और ठेलियां जब्त की जाएंगी। बैठक में नगर पालिका के अफसरों को आवारा पशुओं को शहर से बाहर करने के निर्देश दिए। इस मौके पर कोतवाल अंशु चौधरी, एसएसआई एमएमएस बिष्ट, व्यापार मंडल के अध्यक्ष राकेश गर्ग, एलएन चावला और व्यापार मंडल महामंत्री लाजपतराय भाटिया सहित कई लोग मौजूद रहे।



ट्रैफिक की इस तरह की होगी व्यवस्था
-सीओ कार्यालय के पास से यातायात पटेल मार्ग डायवर्ट किया जाएगा।
-इस मार्ग पर चलने वाले वाहन मस्जिद वाले तिराहे पर बाहर निकलेंगे।
-नजीबाबाद से शहर की ओर आने वाला ट्रैफिक बालासौड़ डायवर्ट होगा।
-झंडाचौक पर एक आटो, देवी रोड पर डिवाइडर से पहले कोई नहीं रहेगा।
-नजीबाबाद रोड पर प्राथमिक विद्यालय के पास ही सभी आटो खड़े रहेंगे।

ट्रैफिक लाइटें लगें तो सुधरे यातायात व्यवस्था
कोटद्वार। शहर के चौराहे पर लगी ट्रैफिक लाइटें कई दिनों से खराब पड़ी हैं लेकिन इन्हें ठीक करने की जहमत अभी तक नहीं उठाई गई। अगर ये लाइटें सुचारु रूप से चलें और अन्य चौराहों पर भी सोलर ट्रैफिक लाइटें लग जाए तो शहर में जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाए।
उत्तराखंड में बीईएल की ओर से वर्ष 2004 में आटोमेटिक सिगनल वाली ट्रैफिक लाइटें सबसे पहले कौड़िया और नजीबाबाद चौराहे पर कोटद्वार में लगाई गईं थी। मगर ये ट्रैफिक लाइटें अब खराब पड़ी हैं। ट्रैफिक पुलिस ही यातायात नियंत्रित कर रही है। शहर के व्यापारियों से लेकर नेता और आम लोगों के साथ ही प्रशासन तक ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के नाम पर दर्जनों बैठकें कर चुके हैं, लेकिन शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। नजीबाबाद चौराहा और झंडाचौक चौराहा शहर के सबसे व्यस्ततम और मुख्य चौराहे हैं। नजीबाबाद चौराहे पर लगी ट्रैफिक लाइट खराब पड़ी है तो झंडाचौक पर अब तक ट्रैफिक लाइट ही नहीं लगी है। इन दो चौराहों के अलावा बालासौड़ तिराहा, देवी मंदिर तिराहा, कौड़िया तिराहा, मस्जिद तिराहा और पटेल मार्ग तिराहे पर ट्रैफिक लाइटें लगानी की जरूरत है। मगर इनके लिए आज तक कोई प्रस्ताव तक नहीं भेजा गया। इतना ही नहीं चौराहों और तिराहों पर चबूतरे भी नहीं बनाए गए हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी
चौराहों और तिराहों पर ट्रैफिक कंट्रोल करने में ट्रैफिक लाइटों से काफी सहूलियत होती है, लेकिन यहां ऐसी व्यवस्था नहीं है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। - अरुणा भारती, सीओ कोटद्वार।

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