जंगली जानवरों के डर से छोड़ रहे खेती करना

Pauri Updated Wed, 17 Oct 2012 12:00 PM IST
यमकेश्वर। प्रखंड में वन्य जीवों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। क्षेत्र में बंदर, गुलदार, बाघ, लंगूर और सूअरों के आतंक सेे ग्रामीण परेशान हैं। वन्य जीवों ने खेतों में खड़ी खरीफ की फसल बर्बाद कर दी गई है। ग्रामीण रात को सुअरों को तथा दिन में बंदरों को भगाने में ही लगे रहते हैं। वन्य जीवों का आतंक इतना बढ़ गया है कि लोग उनके भय से खेती करना ही छोड़ने लगे हैं। दूसरी तरफ गुलदार और बाघ मवेशियों को निवाला बना रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में खेती और पशुपालन ही दो मुख्य व्यवसाय है लेकिन वन्य जीवों के आतंक के चलते लोग यह व्यवसाय की करने से डरने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नुकसान होने पर विभाग की ओर से मुआवजा नहीं मिलता, जो मिलता भी है वो नुकसान की भरपाई करने के लिए पूरा नहीं होता। जयहरी के हरि सिंह नेत्री ने कहा कि जंगली जानवरों से गांवों में आतंक का माहौल है। फसलों और मवेशियों का नुकसान हो रहा है लेकिन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। ग्वाड़ी निवासी नरेश कुमार रतूड़ी का कहना है कि वन्य जीवों के आतंक के कारण लोग पलायन करने को मजबूर हैं। विथ्यानी की संतोष नेगी का कहना है वन्य जीव इतने निर्भीक हो गए हैं कि वे बच्चों पर हमला करने से भी नहीं डरते।

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