जांच पर संतोष, आंदोलन पर फैसला बाकी

Pauri Updated Tue, 16 Oct 2012 12:00 PM IST
कोटद्वार। रचना हत्याकांड के मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने में जनांदोलन सफल रहा है। ग्रामीणों ने पहले राजस्व पुलिस से मामला सिविल पुलिस को सौंपने के लिए दबाव बनाया। उसकी मांग मानी गई, हालांकि निकला कुछ नहीं। सिविल पुलिस फेल रही, तो सीबीसीआईडी जांच के लिए दबाव बनाया गया। अब सीबीसीआईडी जांच के आदेश हो गए है। आंदोलन करने वाले ग्रामीण और जनसंगठनों में एक लड़ाई जीतकर संतोष है, हालांकि रचना को इंसाफ दिलाने के लिए अंतिम लड़ाई लड़ना बाकी है। ये ही वजह है कि सीबीसीआईडी जांच के आदेश पर ग्रामीणों को संतोष है, लेकिन आंदोलन का स्वरूप क्या होगा, यह तय होना बाकी है। वैसे, आंदोलन चलाने वाले ग्रामीणों और जन संगठनों के प्रतिनिधियों ने साफ कर दिया है कि लिखित आदेश आने के बाद वे तय करेंगे कि इस मामले में आगे क्या करना है।
धरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना है कि लिखित आदेश यहां आने के बाद वह धरना स्थगित करेंगे। उसके बाद ग्रामीणों के साथ आमसौड़ में बैठक की जाएगी। वहां पर इस बात पर चरचा की जाएगी कि ग्रामीण किस तरह से सीबीसीआईडी को जांच में मदद पहुंचाएंगे। जो चीजें राजस्व पुलिस और फिर रेगुलर पुलिस छोड़ गई थी, उनको किस तरह से जुटाया जाए। वहीं से आगे की रणनीति तय की जाएगी। दूसरी ओर, जन अधिकार संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े ग्रामीण सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी से मिले और उन्होंने पटवारियों के खिलाफ भी जल्दी सख्त कार्रवाई करने के लिए ज्ञापन सौंपा। स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने भी उम्मीद जताई है कि उच्चस्तरीय जांच से मामले का खुलासा हो जाएगा।




इनका कहना है

-इस मामले की जांच सीबीसीआईडी को जाना अपने आप में बड़ी बात है। यह मामला अब सिर्फ रचना तक सीमित नहीं है। रचना के इंसाफ की लड़ाई तो चल ही रही है। साथ ही यह मामला क्षेत्र की संस्कृति और सुरक्षा से भी जुड़ गया है। यह घटना क्षेत्र में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के लिए सबक बननी चाहिए। -भरत नेगी, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख

-इस घटना के बाद लोग बहुत डरे हुए हैं। सीबीसीआईडी से जांच होने से इससे जुडे़ हर आदमी को सजा मिल जाए, तो इससे लोगों को हिम्मत मिल जाएगी।-बालमती देवी, आमसौड़,

-जांच चाहे जिस भी तरह से की जाए, हमको इंसाफ चाहिए। इस मामले में जितने भी लोग शामिल रहे हैं सभी को सजा मिलनी चाहिए। सीबीसीआईडी से जांच हो रही है तो अन्य आरोपियों के भी सजा मिलने के बाद बेटी को इंसाफ मिलने की उम्मीद जागी है। वीरेंद्र सिंह, रचना के पिता।

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