स्कूल में ज्ञान नहीं मिल रहा बस भोजन

Pauri Updated Tue, 09 Oct 2012 12:00 PM IST
यमकेश्वर। सरकारी स्कूलों में हाल भी अजीब हैं कहीं शिक्षक ज्यादा होते हैं तो कहीं बहुत कम। मगर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय ऐरोली की स्थिति तो और ज्यादा खराब है, यहां तो पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं हैं। ऐसे में विद्यालय में बच्चे तो आते हैं लेकिन मिड-डे मील खाकर वापस चले जाते हैं। शिक्षक न होने से विद्यालय की की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ऐरोली में भोजन माताएं तो नियमित आती हैं लेकिन शिक्षक नहीं।
वर्ष 1963 मेें ग्राम ऐरोली, तुना और निषणी गांवों के लिए खोले गए इस विद्यालय में वर्तमान में 30 बच्चे पढ़ रहे हैं। सितंबर माह में विद्यालय में नियुक्त अध्यापक की एलटी में नियुक्ति तथा अन्यत्र स्थानांतरण होने के कारण विद्यालय में दूसरे अध्यापक की नियुक्ति ही नहीं हुई। तब से यह स्कूल बिना शिक्षक के ही चल रहा है यहां पढ़ाई तो नहीं होती लेकिन स्कूली बच्चे स्कूल में रोज आते हैं और दोपहर का खाना खाकर घरों को चले जाते हैं। ग्रामीणों ने आक्रोश जताया कि जब विभाग के पास शिक्षक ही नहीं हैं तो इस विद्यालय को बंद कर देना चाहिए। अभिभावक संघ के अध्यक्ष विजेंद्र ने विद्यालय में शिक्षक न होने के संबंध में मुख्य शिक्षाधिकारी से भेंट की थी। उन्होंने यहां जल्द शिक्षक की नियुक्ति का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक शिक्षक नहीं आया।

इंसेट
भवन भी जर्जर, कक्ष भी नहीं
ऐरोली के प्राथमिक विद्यालय की इमारत भी जर्जर हो चुकी है। वर्ष 2010 में विद्यालय भवन निर्माण के लिए खंड शिक्षाधिकारी की ओर से 3.70 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन विद्यालय प्रबंध समिति ने पैसा यह कह कर लौटा दिया कि भवन निर्माण के लिए यह धनराशि कम है। कक्षा कक्ष न होने से और जर्जर भवन होने के कारण बच्चों को एक ही कमरे में पढ़ाया जाता था।

क्या कहते हैं लोग
- एक माह से विद्यालय में कोई शिक्षक नहीं है। कुछ दिन व्यवस्था पर शिक्षक आए, लेकिन अब विद्यालय में कोई शिक्षक नहीं है। इससे हमें ही विद्यालय संचालित कराना पड़ रहा है। - विजेंद्र सिंह, अध्यक्ष प्रबंध समिति।

- विद्यालय में अध्यापक नहीं हैं, इससे बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। - रघुवीर सिंह, ग्राम ऐरोली।

- न तो विद्यालय में शिक्षक हैं और न विद्यालय भवन ही सही है, जिससे बच्चों को दूसरे विद्यालयों में भेजना पड़ रहा है। - गुमान सिंह, ग्राम ऐरोली।

क्या कहते हैं अधिकारी
- शिक्षकों के ट्रेनिंग में होने के कारण शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। एक दो दिनों में विद्यालय में शिक्षक उपलब्ध करा दिए जाएंगे। - आशुतोष सिंह भंडारी, खंड शिक्षाधिकारी, यमकेश्वर।

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