रचना हत्याकांड: दिन 50, नतीजा जीरो

Pauri Updated Thu, 27 Sep 2012 12:00 PM IST
झवाणसार में रहने वाली मासूम रचना की मौत को आज 50 दिन पूरे हो गए हैं। मजलूम मां-बाप की बेटी की मौत के राज अब भी परदे में छिपे हैं। जिस भरोसे से यह मामला राजस्व पुलिस को सौंपा गया था, वह टूट चुका है। पुलिस इस मामले में एक इंच आगे नहीं बढ़ पाई है। मामले की पेचीदगी अलग बात हो सकती है, मगर उसके प्रयास ईमानदार नहीं है। इस मामले में आंदोलन के जरिये इंसाफ मांगने वालों को धमकाने के प्रयास हो रहे हैं। पुलिस और प्रशासन के आला अफसरों की चुप्पी अफसोस लायक है। लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। रचना के परिवार के लोग तहसील परिसर में लगातार क्रमिक अनशन पर बैठ कर न्याय मांग रहे हैं। मगर न सरकार, न पुलिस और न प्रशासन की संवेदनशीलता कहीं दिखाई पड़ रही है। 50 दिन के बावजूद एक मासूम जान की मौत का सच उघाड़ने में कोई प्रगति नहीं हो पाई है। पुलिस और प्रशासन जल्द खुलासे की लाख बातें कर लें, मगर आज की तारीख में भी उनके हाथ खाली ही है।



हत्याकांड के खुलासे को अनशन जारी
कोटद्वार/दुगड्डा। रचना हत्याकांड के खुलासे और इसकी जांच सीबीसीआईडी को सौंपे जाने की मांग को लेकर यहां क्रमिक अनशन जारी है। जन अधिकार संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले रोजाना स्थानीय नागरिक और आस-पास के क्षेत्रों के ग्रामीण अनशन स्थल में जुट रहे हैं। पांचवें दिन क्रमिक अनशन पर छात्रसंघ के पदाधिकारी बैठे। इसमें छात्रसंघ उपाध्यक्ष कुलदीप पटवाल, कोषाध्यक्ष सर्वेश नेगी, यूआर अंकित डबराल आदि शामिल थे। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिस आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन यह मामले के खुलासे तक जारी रहेगा। अनशन पर बैठने वालों के समर्थन में तमाम लोगों ने धरना दिया। इसमें भरत नेगी, सुशील जुयाल, विमला देवी, भागीरथी देवी, शकुंतला देवी, लीला देवी, कांता देवी, सुदामा देवी, अनवर हुसैन, राजू, शुभम शर्मा, सतीश काला, सुनील चंदोला, सलमान आदि मौजूद थे।


आम सभा रविवार को
-जन अधिकार संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से रविवार को हिंदू पंचायती धर्मशाला में रचना हत्याकांड को लेकर बैठक आयोजित की गई है। इसमें अब तक के पूरे घटनाक्रम पर चरचा की जाएगी। पुलिस जांच कहां पहुंची। पुलिस किस तरह से ग्रामीणों को धमकाने का काम कर रही है। यह बात भी रखी जाएगी। रचना के कपड़ों की कैमिकल रिपोर्ट और विसरा रिपोर्ट आने पर पुलिस को मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।


रचना हत्याकांड: कब क्या हुआ, एक नजर में

-आठ अगस्त को गांव से दुगड्डा स्कूल पहुंची, वहां से कोटद्वार चाचा के यहां आ गई।
-नौ अगस्त को शाम को आमसौड़ में वाहन से उतरी और फिर गायब हो गई।
-12 अगस्त को रचना के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की तहरीर राजस्व पुलिस को दी।
-13 अगस्त को गांव के घने जंगल के बीच खाई में रचना का शव मिला।
-14 अगस्त को शव का पोस्टमार्टम किया गया।
-16 अगस्त को परिजनों की तहरीर पर जमरगड्डी का सोहन सिंह गिरफ्तार।
-17 अगस्त को राजस्व पुलिस ने सोहन सिंह को कोर्ट में पेश किया। न्यायालय ने जेल भेजा।
-18 अगस्त को ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर मामले को रेगुलर पुलिस में देने की मांग की।
- 22 अगस्त को डीएम ने मामले को सिविल पुलिस को सौंपने के आदेश दिए।
-27 अगस्त से पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस टीम घटनास्थल को खंगाला।
- 30 अगस्त को मामले के खुलासे के लिए कोटद्वार में रैली निकली।
- एक सितंबर को एसपी पौड़ी विमल गुंज्याल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
- तीन सितंबर को दुगड्डा में जीजीआईसी की छात्राओं ने रेैली निकाली।
- पांच सितंबर को जन अधिकार संयुक्त संघर्ष समिति ने दुगड्डा में रैली निकाली।
- 10 सितंबर को रचना के परिजन आमसौड़ में शिफ्ट हो गए।
-12 सितंबर को पुलिस झवाणसार में साक्ष्यों की तलाश में गई।
-15 सितंबर से मामले के खुलासे को हस्ताक्षर अभियान शुरू।
-16 सितंबर को महिलाओं के साथ पुलिस झवांणसार गई। साक्ष्य तलाशे।
-22 सितंबर को कोटद्वार में रैली निकाली, तहसील में क्रमिक अनशन शुरू।
-24 सितंबर को आमसौड़ में ग्रामीणों व विद्यालय की छात्र-छात्राओं ने रैली निकाली।
-26 सितंबर को क्रमिक अनशन जारी

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