कैसे मानें, महफूज हैं हमारी बच्चियां

Pauri Updated Mon, 24 Sep 2012 12:00 PM IST
आज बालिका दिवस है। देश दुनिया में यह दिन पूरी तरह से हमारी बच्चियों को समर्पित है। उनकी बेहतरी, उनकी सुरक्षा और तमाम अन्य बिंदुओं पर गंभीरता से मनन करने का यह दिन है। इन स्थितियों के बीच, कोटद्वार और उसके आस-पास के क्षेत्र की दो घटनाएं सामने हैं। ये घटनाएं बालिकाओं के प्रति हमारे सिस्टम की संवेदनशीलता की पोल खोलती है। रचना हत्याकांड लगातार चर्चा में है। मगर डेढ़ महीने बाद भी हालत ये है कि उसे मौत की नींद सुलाने वाले पकड़ में नहीं आ पाए हैं। क्यों असमय 17 साल की रचना मौत के आगोश में समा गई है, यह सवाल अपने आप में खड़ा है। उसके परिवार वालों को ग्रामीणों के साथ अब तहसील परिसर में क्रमिक अनशन पर बैठना पड़ रहा है। दूसरी घटना, चौबट्टाखाल के झलपड़ी गांव की 11 वर्षीय अंजलि की है। ढाई महीने से वह लापता है। परिजनों ने राजस्व विभाग के पास रिपोर्ट भी लिखवा दी है। मगर वो मासूम जिंदा भी है, ये दावा करने की स्थिति में कोई नहीं है।



रचना हत्याकांड के खुलासे को अनशन जारी
अब मुख्यमंत्री से मिलेंगे ग्रामीण, उठाएंगे मांग
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। रचना हत्याकांड का डेढ़ महीने बाद भी खुलासा नहीं होने से नाराज ग्रामीणों का क्रमिक अनशन रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। जन अधिकार संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने धरना भी दिया। इस मौके पर ग्रामीणों ने कहा कि अब वह मुख्यमंत्री से मिलकर इस मामले की सीबीसीआईडी जांच की मांग करेंगे।
दूसरे दिन क्रमिक अनशन पर मुकेश खंतवाल, रामचंद्र जुयाल और अनवर हुसैन बैठे। उनके साथ धरना स्थल पर पहुंचे अन्य लोगों ने भी रचना हत्या के मामले के शीघ्र खुलासे की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सिविल पुलिस इस मामले में कुछ नहीं कर पा रही है तो इसको सीबीसीआईडी को दे दिया जाए। समिति के संरक्षक पंकज बवाड़ी ने बताया कि जल्दी इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से मिला जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले को अंजाम तक पहुंचाना जरूरी है। यदि मामले का खुलासा नहीं हुआ तो अपराधियों के हौसले बुलंद हो जाएंगे। धरने में उनके साथ छात्रसंघ अध्यक्ष सूरज राणा, कोषाध्यक्ष सर्वेश नेगी, शुभम शर्मा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सूरज प्रसाद कांती, भरत सिंह नेगी, हरीश कुमार, लीलावती, यशोदा देवी, कविता, दिनेश और गणेश प्रसाद जुयाल आदि बैठे। दूसरी तरफ, सोमवार को आमसौड़ में ग्रामीण रचना के लिए श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर रहे हैं। इसमें क्षेत्र के पुरुष व महिलाएं और छात्र-छात्राएं शामिल होंगी।



ढाई महीने से अंजलि का पता नहीं
घर से जंगल गई थी, लौट नहीं पाई
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। चौबटाखाल के झलपड़ी गांव की रहने वाली 11 वर्षीय लड़की अंजलि का पिछले ढाई माह से पता नहीं चल पाया है। अंजली अपनी नानी के घर से 15 जुलाई को अचानक गायब हो गई थी। तब से लेकर आज तक उसका कहीं कोई पता नहीं चल पाया है।
झलपड़ी निवासी अंजली अपने नानी के घर घंडियाल में रह रही थी। वह वहां कक्षा चार में पढ़ती थी। दिल्ली में नौकरी कर रहे अंजली के मामा भी उसकी खोज में जुटे हुए हैं। उसके मामा जसपाल सिंह कंडारी ने बताया कि वह 15 जुलाई को सुबह के वक्त गाय को देखने जंगल गई थी, लेकिन वापस घर नहीं आई। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब वह नहीं आई तो उसकी उसी दिन से खोज बीन शुरू कर दी । मगर उसका कहीं पता नहीं चल पा रहा है। उसके परिजन उसी दिन से परेशान है। गांव के अन्य लोगों को साथ लेकर उन्होंने पूरे जंगल को छान मारा है। आस-पास के गांवों में भी ढूंढा गया, लेकिन पता नहीं चल पाया है। अंजली के गायब होने की रिपोर्ट पट्टी पटवारी के पास लिखवाई गई है। ग्रामीणों के अनुसार, गुलदार या किसी जानवर के उसे शिकार बनाए जाने की आशंका नहीं है। ऐसा होता, तो उसके कपड़े जंगल में मिल जाते।

Spotlight

Most Read

Lucknow

सीएम योगी ने सुनी गुहार, .... और छलक पड़ी आंखे, जानें क्या था मामला

सीएम योगी ने केजीएमयू में कैंसर पीड़ित की गुहार सुनी और उसे मुख्यमंत्री कोष से इलाज कराने का आश्वासन दिया।

19 जनवरी 2018

Related Videos

देहरादून में हुआ शानदार कार्यक्रम, झूमते नजर आए आम लोग

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अखिल गढ़वाल सभा की ओर से परेड ग्राउड में उत्तराखंड महोत्सव ‘कौथिग’ में पांचवे दिन लोक गायकों के गीत का जादू लोगों के सर चढ़कर बोला। लोकगायक अनिल बिष्ट, संगीता ढौडियाल, कल्पना चौहान, हीरा सिंह राणा ने समा बांध दिया।

30 अक्टूबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper