तो 1300 साल पुरानी है कण्वाश्रम की मूर्तियां

Pauri Updated Sat, 22 Sep 2012 12:00 PM IST
कोटद्वार। करीब दो महीने पहले कण्वाश्रम के जंगल में निकली मूर्तियों और नक्कासी दार पत्थराें की जांच के लिए देहरादून से शुक्रवार को पुरातत्व विभाग की टीम यहां पहुंची। कण्वाश्रम क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद टीम ने संभावना जताई है कि मूर्तियां 1300 साल पुरानी हो सकती हैं। टीम ने मोरध्वज किले का भी निरीक्षण किया। वहां भी लगातार मूर्तियां निकल रहीं है। टीम ने दोनों जगह की मूर्तियों के आपसी लिंक होने की संभावना प्रकट की है। टीम ने कण्वाश्रम से कुछ सैंपल भी जुटाए हैं।
कण्वाश्रम में निकली मूर्तियां कई समय से लावारिस जंगल में पड़ी हुई हैं। इसके लिए कण्वाश्रम विकास समिति की ओर से पुरातत्व विभाग से यहां की जांच करने का अनुरोध किया गया था। पुरातत्व विभाग की तीन सदस्यीय टीम यहां पहुंची। पुरातत्व विभाग के अधीक्षक अतुल भार्गव के नेतृत्व में आई टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक क्षेत्र का निरीक्षण किया। यहां पर उन्होंने मिट्टी के नीचे से निकले कुछ पुराने पत्थर और मटके के टुकड़ों को अपने साथ रख लिया है। इसके बाद वह मोरध्वज किले की ओर निकले। यहां पर भी उन्होंने करीब आधे घंटे तक निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद भार्गव ने बताया कि कण्वाश्रम की मूर्तियां 700 ईसवीं की हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए इस क्षेत्र से जुड़े ऐतिहासिक व साहित्यिक किताबों का अध्ययन करना पड़ेेगा। कालीदास के अभिज्ञान शाकुंतलम से भी रिफ्रेंस लेना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि मोरध्वज की इस क्षेत्र से अधिक दूरी नहीं है। इस लिए इसका आपस में संबध होने की भी काफी संभावना है। मोर ध्वज में भी उन्होंने शिवमंदिर के आस-पास ही ज्यादा निरीक्षण किया। उनका आपस में मिलान किया जाएगा। उनके साथ आर्केलाजिस्ट नीरज वर्मा और राजीव पांडे मौजूद थे। इसके अलावा कण्वाश्रम विकास समिति के अध्यक्ष कै. वीएस रावत, महामंत्री आभा डबराल, कोषाध्यक्ष मोहन सिंह रावत, मंत्री पीपी नैथानी भी उपस्थित थे।

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी दिवस: प्रदेश को 25 हजार करोड़ की योजनाओं की सौगात, योगी बोले- आज का दिन गौरवशाली

यूपी दिवस के मौके पर प्रदेश को सरकार ने 25 हजार करोड़ करोड़ की योजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री योगी ने आज के दिन को गौरवशाली बताया।

24 जनवरी 2018

Related Videos

देहरादून में हुआ शानदार कार्यक्रम, झूमते नजर आए आम लोग

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अखिल गढ़वाल सभा की ओर से परेड ग्राउड में उत्तराखंड महोत्सव ‘कौथिग’ में पांचवे दिन लोक गायकों के गीत का जादू लोगों के सर चढ़कर बोला। लोकगायक अनिल बिष्ट, संगीता ढौडियाल, कल्पना चौहान, हीरा सिंह राणा ने समा बांध दिया।

30 अक्टूबर 2017