कण्वाश्रम के विकास को चाहिए मास्टर प्लान

Pauri Updated Tue, 11 Sep 2012 12:00 PM IST
कोटद्वार। कण्व ऋषि की तपोभूमि है कोटद्वार का कण्वाश्रम क्षेत्र। यह भरत भूमि भी है। बचपन में राजा भरत के शेर के मुंह में हाथ डालकर दांत गिनने की जो कहानी है, उसका सरोकार इस धरती से ही है। शकुंतला से जुड़ी तमाम पौराणिक और ऐतिहासिक बातें भी इस क्षेत्र से जुड़ी हैं। कण्वाश्रम की अहमियत बहुत है, मगर पहचान उसके मुकाबले बहुत कम है। सरकारों को ध्यान भी इस तरफ नहीं गया है। कोरी बयानबाजी हुई हैं। इस पूरे क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के सपने दिखाए गए हैं। मौजूदा स्थिति में यह जरूरी समझा जा रहा है कि इस पूरे क्षेत्र के विकास के लिए सरकार मास्टर प्लान तैयार करे। साथ ही ये सुनिश्चित कराए, कि यह क्षेत्र उपेक्षित पड़ा न रहे।

अब धूल खा रहा समिति का विकास मॉडल
-जो काम सरकारी सिस्टम का होना चाहिए, वो काम 2002-03 में कण्वाश्रम विकास समिति ने किया। समिति ने इस क्षेत्र का विकास मॉडल तैयार करके इसे शासन को भेजा। इस पर सहमति भी प्रकट की गई। दस करोड़ रुपये देने की बात भी हुई, मगर धरातल पर मामला आगे नहीं बढ़ पाया। विकास के मॉडल में इस क्षेत्र में एक झील का निर्माण, झूला पुल, ध्यान केंद्र, डियर पार्क, भरत स्मारक आदि की कल्पना की गई थी।


गेस्ट हाउस में बना दिया ध्यान केंद्र
कण्वाश्रम में नदी किनारे ध्यान केंद्र बनाने का प्रस्ताव किया गया था। नदी किनारे यह नहीं बन पाया। हालांकि जीएमवीएन के गेस्ट हाउस में जरूर ध्यान केंद्र की स्थापना की गई है। जब से इसकी स्थापना की गई है, तब से यह चल नहीं पाया है।



लोगों का कहना है

इसके विकास के लिए सरकार के प्रतिनिधियों को आगे आना चाहिए। इसको राष्ट्रीय धरोहर घोषित करते हुए इसके विकास के लिए मास्टर प्लान बनाया जाना अनिवार्य है।
-बीएस रावत, अध्यक्ष कण्वाश्रम विकास समिति

-कण्वाश्रम का विकास सुनियोजित नहीं रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतनी बड़ी ऐतिहासिक धरोहर आज लोगों की नजरों से ओझल है।
-शिव प्रसाद डबराल, स्थानीय निवासी

सरकार का कहना है
-जो योजनाएं हमने पूर्व में बनाई थीं, उस पर पिछली सरकार ने काम पूरा नहीं किया। अधिकांश पैसा लैप्स हो गया था। अब सारे कामों को जल्दी से जल्दी शुरू करवाया जा रहा है। कण्वाश्रम के विकास के लिए पर्यटन विभाग को विस्तृत रिपोर्ट बनाने के लिए कहा गया है। जो भी संभावनाएं होंगी, उन पर काम किया जाएगा।
सुरेंद्र सिंह नेगी, क्षेत्रीय विधायक/कैबिनेट मंत्री

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