मूल निवास के फैसले के विरोध में करेंगे याचिका दायर

Pauri Updated Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
श्रीनगर। सामाजिक कार्यकर्ता एवं राज्य आंदोलनकारी प्रभाकर बाबुलकर ने राज्य गठन के बाद उत्तराखंड में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मूल निवासी मानने पर विरोध जताया है।
यहां जारी बयान में उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने यह निर्णय दिया है कि उत्तराखंड राज्य बनने के समय से जो व्यक्ति उत्तराखंड में रह रहा है, वह यहां का मूल निवासी है। इस निर्णय के विरोध में राज्य आंदोलनकारी सामाजिक रूप से सड़कों पर तथा कानूनी रूप से न्यायालय में विरोध दर्ज करेंगे। उन्होंने कहा है कि गढ़वाल-कुमाऊं के मूल निवासियों ने इस राज्य के लिए आंदोलन किया ताकि उनकी बोली, भाषा, संस्कृति और क्षेत्रीयता के आधार पर अलग पहचान होगी। राज्य आंदोलनकारी बैठक आयोजित कर शीघ्र ही उच्च न्यायालय में इस फैसले के विरोध में याचिका दायर करेंगे।
जारी- गंगा असनोड़ा थपलियाल

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