पौड़ी के जीजीआइसी में भी शिक्षिकाओं की कमी

Pauri Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
पौड़ी। जीजीआईसी पौड़ी शिक्षिकाओं की की कमी जूझ रहा है। विद्यालय में दो प्रवक्ता और पांच एलटी शिक्षिकाओं के पद लंबे समय से रिक्त हैं। रसायन विज्ञान में तो एक दशक से प्रवक्ता ही नहीं है। यह स्थिति जिला मुख्यालय के स्कूल की है। ऐसे में दूरस्थ स्कूलों के बारे में सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
शहर के रामलीला मैदान से सटे जीजीआइसी में करीब 600 छात्राएं अध्ययनरत हैं। यहां प्रवक्ताओं के 13 और एलटी के 22 पद सृजित हैं। इनमें से रसायन विज्ञान और अर्थशास्त्र के प्रवक्ता और एलटी संवर्ग में अंग्रेजी, जीव विज्ञान, गणित, सामान्य विज्ञान और पेंटिग विषयों के पद खाली है। छात्राओं का कहना है कि सबसे ज्यादा दिक्कत उन्हें इंटर में रसायन विज्ञान में हो रही है। यह पद 2002 से खाली है। इसके साथ ही हाईस्कूल में अंग्रेजी, गणित और विज्ञान में भी शिक्षिकाएं न होने से दिक्कतें हो रही हैं। पीटीए अध्यक्ष हरीश रावत ने कहा कि अध्यापिकाआें की कमी समस्या के बारे में कई बार गुहार लगाई जा चुकी है। समस्याओं के समाधान के लिए जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।

पानी की भी दिक्कत
पौड़ी। जीजीआईसी की बालिकाएं पेयजल समस्या से भी परेशान है। प्रधानाचार्य राजकुमारी सजवाण बताती है विद्यालय में पानी के दो कनेक्शन हैं। लेकिन उनमें पानी नहीं आता है। ऐसे में मध्याह्न भोजन बनाने के लिए भी काफी दूर प्राकृतिक जल स्रोत से पानी लाना पड़ता है। वह कहती हैं कि शिक्षिकाओं के रिक्त पदों के लिए कई बार विभाग को लिखा जा चुका है।


एक शिक्षक के भरोसे बालिका विद्यालय
पौड़ी। थलीसैण प्रखंड का कन्या जूनियर हाईस्कूल कांडई लंबे समय से एक ही शिक्षक के भरोसे चल रहा है। विद्यालय में 44 छात्राएं अध्ययनरत होने के बाद भी यहां शिक्षिकाएं तैनात नहीं है।
विद्यालय प्रबंधन समिति ने जिला शिक्षा अधिकारी से भेंटकर विद्यालय में शिक्षिकाओं के रिक्त पदों पर तैनाती मांग की की है। 31 अगस्त तक तैनाती न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने डीईओ को बताया कि पांच शिक्षिकाओं के पद सृजित होने के बावजूद यहां एक ही शिक्षक है। विभाग ने वर्ष 2006 से इस विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कैन्यूर में व्यवस्था पर तैनात किया हुआ है। डीईओ एलएम चमोला ने बताया कि विशिष्ट बीटीसी के तहत होने वाली नियुक्ति प्रक्रिया के तहत विद्यालय में भी तैनाती की जाएगी। प्रतिनिधि मंडल में प्रबंधन समिति के अध्यक्ष गिरीश रतूड़ी, महानंद रतूड़ी, ठाकुर सिंह भंडारी आदि शामिल थे।


बिना शिक्षकों के संचालित हो रहे तीन विषय !
पौड़ी। एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्व विद्यालय के पौड़ी परिसर में समाज शास्त्र, भूगर्भ विज्ञान, सांख्यिकी विभाग बिना शिक्षकों के संचालित हो रहे हैं।
परिसर में कला, विज्ञान और विधि संकाय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। तीनों संकायों में अधिकांश विषय दो-दो शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। जबकि मानक के अनुसार प्रत्येक विषय में पांच शिक्षक होने चाहिए। शिक्षकों की कमी की भरपाई के लिए विवि प्रशासन ने परिसर में अंशकालिक शिक्षकों की तैनाती की है। लेकिन नियमित शिक्षकों की तैनाती करने की दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं हो पाए हैं। परिसर के निदेशक प्रो.टीपी पंत का कहना है कि शिक्षकों की कमी से दिक्कतें आना स्वाभाविक है। इसके बारे में विवि प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। शिक्षकों की इस कमी को पूरा करने के लिए विवि प्रशासन द्वारा परिसर में अंशकालिक शिक्षकों की तैनाती की जाती है।

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