प्रशासन की चेतावनी पर बेअसर

Pauri Updated Fri, 10 Aug 2012 12:00 PM IST
श्रीनगर। प्रशासन की चेतावनी के बावजूद जीवीके कंपनी ने श्रीनगर जलविद्युत परियोजना के बैराज क्षेत्र में बने बांध का एक गेट बृहस्पतिवार देर शाम तक नहीं खोला। हालांकि, कंपनी ने देर रात तक गेट खोलने का आश्वासन प्रशासन को दिया है।
उपजिलाधिकारी रजा अब्बास ने बताया कि कंपनी एक दिन की मोहलत और मांग रही थी, लेकिन जीवीके निदेशक तथा समन्वयक को स्पष्ट रूप से बृहस्पतिवार को ही गेट खोले जाने को कहा गया है। हर हाल में रात 12 बजे तक गेट खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि हाइड्रोलिक सिस्टम लगाने का कार्य 90 प्रतिशत पूरा हो गया है, इसलिए गेट हर हाल में रात 12 बजे तक खुल जाएगा। कंपनी समन्वयक संतोष रेड्डी ने कहा कि गेट खोले जाने का काम तीव्र गति से चल रहा है। देर रात तक गेट खोल दिया जाएगा। उधर, धारी के लिए ट्रॉली लगाने की कवायद भी शुरू हो गई है। जीवीके ने रुड़की स्थित एक एजेंसी से मौका मुआयना कराया है। जीवीके समन्वयक संतोष रेड्डी ने बताया कि ट्रॉली लगाने का कार्य शुक्रवार से शुरू कर दिया जाएगा।

अन्य दो गेट भी खुलवाए जाएंगे
श्रीनगर। उपजिलाधिकारी रजा अब्बास ने कहा है कि कंपनी को हर हाल में अन्य दो गेट भी खोलने ही होंगे। अन्य दो गेटों पर भी हाइड्रोलिक सिस्टम लगाने के निर्देश कंपनी को दिए गए हैं। इस गेट को खोलने के तुरंत बाद यह काम शुरू किया जाएगा।

लोगों को डराती है बारिश
श्रीनगर। बारिश न होने से श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के बैराज क्षेत्र में बनी झील का जलस्तर भले ही कम हुआ है, लेकिन प्रभावितों गांव के लोग अब भी सहमे हुए हैं। उन्हें डर सता रहा है कि यदि बांध के गेट न खोले गए तो बारिश की स्थिति में फिर तबाही हो सकती है। श्रीकोटवासी सतेंद्र कुमार, रजनी देवी, आशा देवी तथा आनंदी देवी कहती हैं कि हमारे घरों के लिए तेज बारिश कब आपदा बनकर आ जाए, कोई नहीं कह सकता। रोशनी देवी तथा लक्ष्मी देवी कहती हैं कि धारी व गंडासू के ग्रामीण रात-रात भर सो नहीं रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी सिर्फ यह परीक्षण करना चाहती थी कि झील बनने के बाद उसे किस तरह की दिक्कतों से आमना-सामना होगा। इसीलिए सैंकड़ों लोगों की जिंदगी के साथ कंपनी खिलवाड़ कर रही है।

कंपनी निदेशक से ग्रामीणों की वार्ता आज
श्रीनगर। अलकनंदा जल विद्युत परियोजना के निदेशक प्रसन्ना रेड्डी ने ग्राम विकास महिला संगठन की अध्यक्ष शीला पांडेय से वार्ता की। संगठन अध्यक्ष ने बताया कि कंपनी कार्यालय में दोपहर 12 बजे से ग्रामीणों की वार्ता होगी। इस दौरान ग्रामीणों के पुनर्वास से संदर्भित आवश्यक मुद्दों पर बातचीत की जाएगी।

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