कलियासौड़ के 130 गांवों में राशन का संकट

Pauri Updated Tue, 07 Aug 2012 12:00 PM IST
श्रीनगर। कलियासौड़ को धारी गांव से जोड़ने वाले धारी झूला पुल टूटने का जिम्मेदार लोगों ने कंपनी को ठहराया। कलियासौड़ के बांसी भरदार, सेरा भरदार, खरगेट भरदार, स्यांरी, भ्यूंता सहित 130 गांवों को धारी पुल का लाभ मिलता था, लेकिन अब यहां लोगों की आवाजाही का रास्ता ही खत्म हो गया है। ऐसे में यहां राशन की किल्लत गहरा गई है।
उन्होंने जीवीके कंपनी से शीघ्र पुल के निर्माण की मांग की। साथ ही क्षेत्र में बने झील के खतरे को खत्म करने को कहा। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी की लापरवाही के कारण अलकनंदा में झील तैयार हुई है। पहले ही क्षेत्र के लोग उपेक्षित हैं वहीं कई वर्षों से रुद्रप्रयाग के लिए पीएमजीएसवाई में स्वीकृत मार्ग का निर्माण न होने से रुद्रप्रयाग पहुंचने के लिए जान हथेली पर लेकर जाना होता है। कलियासौड़ के 130 गांवों के लिए खच्चरों पर राशन की सप्लाई होती थी, लेकिन अब पुल टूट जाने से यह सप्लाई बंद हो गई है। ग्रामीण चतर सिंह, टीकाराम, सुषमा देवी और गंगी देवी कहते हैं कि आजादी से पहले बने इस पुल के साथ ही क्षेत्र के सैकड़ों लोगों की आस भी चली गई है।

पुल टूटने से ये बढ़ी दिक्कतें-
- क्षेत्र के 130 गांवों का संपर्क राजमार्ग से टूटा
- खाद्यान्न संकट शुरू
- स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बढ़ी परेशानी
- कलियासौड़ में डाक व्यवस्था भी ठप
- पैतृक शवदाह घाट जलमग्न

मंदिर समिति से की आगे आने की अपील
श्रीनगर। धारी देवी बचाओ संघर्ष समिति ने मंदिर समिति के पुजारियों से मंदिर के अस्तित्व के लिए आगे आने की अपील की। संघर्ष समिति के सदस्य रामदयाल गैरोला और अन्य सदस्यों ने कहा कि मंदिर समिति का कर्त्तव्य है कि धारी देवी मंदिर के लिए षड्यंत्रकारी ताकतों के विरुद्ध खड़े हो जाएं।
मौका मुआयना तो किया लेकिन निर्देश नहीं दिए
नुकसान के बाद भी डीएम को नहीं दिखी जीवीके की गलती
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। पौड़ी के डीएम चंद्रेश कुमार यादव ने अलकनंदा में डैम कालोनी से आगे बैराज क्षेत्र, धारी देवी परिसर तथा सिरोबगड़ का मौका मुआयना तो किया लेकिन धारी मंदिर परिसर डूबने और बदरीनाथ राजमार्ग जलमग्न होने में उन्हें कंपनी की गलती दिखाई ही नहीं दी।
डीएम ने सोमवार को तीन घंटे श्रीनगर में बांध क्षेत्र के पास से 10 किमी लंबी झील बनने से हुए नुकसान का मौका मुआयना किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने क्षेत्र में में हुए नुकसान का जिम्मेदार जीवीके कंपनी को नहीं पाया। इसीलिए उन्होंने पुलिस और स्थानीय प्रशासन को किसी भी कार्रवाई के निर्देश नहीं दिए। मौका मुआयना के बाद लौटे डीएम चंद्रेश कुमार यादव ने कहा कि नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। उन्होंने महरगांव क्षेत्र के मार्ग को धारी गांव तथा अन्य गांवों के लिए खोलने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने संपर्क मार्ग को ठीक करने के लिए लोनिवि के निर्देशों पर जीवीके से कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि बीआरओ से राय लेने के बाद ही डूबे राजमार्ग पर यातायात खोला जाएगा। विद्युत विभाग को धारी, गंडासू और फरासू गांव के ग्रामीणों के लिए नई विद्युत लाइन बिछाने के आदेश उन्होंने दिए।
जीवीके निदेशक के खिलाफ थानाध्यक्ष को दी तहरीर
श्रीनगर। सामाजिक पंजीकृत संस्था सोसाइटी फॉर रिवोल्यूशन अगेंस्ट करप्शन के महासचिव संतोष ममर्गाइं ने अलकनंदा जल विद्युत कंपनी के निदेशक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पुलिस को दी तहरीर में संस्था सचिव ने मांग की है कि अलकनंदा जल विद्युत कंपनी के निदेशक के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को जानबूझकर क्षति पहुंचाने, सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने, जनता को पूजा-अर्चना के अधिकार से वंचित रखने पर मुकदमा पंजीकृत कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। अपनी तहरीर में उन्होंने स्पष्ट किया है कि कंपनी के निदेशक ने गैर जिम्मेदाराना तरीके से बिना किसी विधिक प्रक्रिया, प्रशासनिक स्वीकृति, सार्वजनिक घोषणा के बांध के गेट बंद कर अलकनंदा नदी के प्रवाह को अवरुद्ध कर दिया। जिससे ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग मार्ग अवरुद्ध हो गया।

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