शिक्षकों को भाये राजधानी

Pauri Updated Wed, 01 Aug 2012 12:00 PM IST
पौड़ी/कर्णप्रयाग। पहाड़ों के स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों को राजधानी खूब भाती है। यही कारण है कि पौड़ी जिले से 70 फीसदी शिक्षकों ने देहरादून स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है। कर्णप्रयाग में भी भी 50 फीसदी शिक्षक दून जाने का सपना देख रहे हैं। देहरादून जाने को लेकर शिक्षकों में मची होड़ को देख विभागीय अधिकारियों ने भी सिर पकड़ लिया है। चिंता इस बात की है कि सभी को देहरादून जाना है तो दुर्गम या अति दुर्गम स्कूल में कौन जाएगा।
शिक्षकों से इन दिनों स्थानांतरण के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। बीईओ कार्यालय में आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि तीन अगस्त है। जिले के पौड़ी ब्लाक में अभी तक 55 शिक्षक ों ने आवेदन दिए हैं। इनमें से 34 शिक्षकों ने देहरादून और चार शिक्षकों ने हरिद्वार स्थानांतरण का अनुरोध किया है।
पाबौ ब्लाक में अभी तक करीब दो सौ शिक्षकों के आवेदन आए हैं। बीईओ राम सिंह कठैत के अनुसार इनमें से 95 फीसदी ने देहरादून तबादला मांगा है। इनमें अधिकरत ने आराघर, धर्मपुर, डोईवाला आदि क्षेत्रों के स्कूलों को विकल्प के रूप में चुना है। थलीसैण और कल्जीखाल में भी आवेदनों करने में 40 फीसदी से अधिक देहरादून वाले हैं। कई अन्य ब्लाकों में भी यही स्थितियां बनी हुई है। कर्णप्रयाग ब्लाक में अब तक मिले 165 से 50 फीसदी आवदेन देहरादून के लिए हैं। यहां अति दुर्गम में स्थानांतरण के लिए कोई आवेदन नहीं है। विभागीय सूत्रों की मानें तो माध्यमिक स्तर पर 65 और प्राथमिक तथा जूनियर स्तर पर 100 के करीब आवेदन मिले हैं। आवेदन समेट रहे कर्मियों का मानना है कि हर दूसरे अध्यापक की प्राथमिकता देहरादून जनपद है।

नौ आवेदनों में से आठ जाना चाहते हैं देहरादून
पौड़ी। पौड़ी ब्लाक में जूनियर हाईस्कूल शिक्षक वर्ग में अभी कुल नौ आवेदन आए हैं। इनमें से आठ राजधानी जाना चाहते हैं। प्रवक्ता वर्ग में छह में से तीन, प्राईमरी वर्ग में 19 में से 14 शिक्षकों की भी यही चाहत है। एलटी वर्ग में अभी तक आए 21 आवेदनों में से 6 ने देहरादून और चार ने हरिद्वार के लिए आवेदन किया है। बीईओ जगमोहन रावत ने बताया कि कुछ आवेदन निरस्त भी हुए हैं।

दून की होड़ गलत : डीईओ
शिक्षकों में भी देहरादून जाने को लेकर जो होड़ लगी है वह गलत है। आवेदन करने वालों में से कुछ ने परिस्थितिवश देहरादून के लिए आवेदन किया होगा। कुछ ने सुविधाओं और कुछ ने वर्तमान में दून जाने को लेकर बन रहे ट्रैंड को देखकर यह विकल्प चुना होगा। स्थितियों को बारीकी से देखने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।-भूपेंद्र सिंह नेगी, जिला शिक्षा अधिकारी, पौड़ी

कैसे-कैसे तर्क
दो शिक्षिकाओं के पति देहरादून में रहते हैं। इसी आधार पर उन्होने देहरादून तबादला मांगा है। एक अन्य शिक्षक का कहना है कि वे गंभीर रोगी हैं और उनका इलाज देहरादून में ही संभव है। एक शिक्षिका अपने दो बच्चों के इलाज के लिए देहरादून आना चाहती हैं। वहीं, कई शिक्षकों का तर्क है कि वे लंबे समय से दुर्गम स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, इसलिए अब उन्हें राजधानी तबादला दिया जाए।

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