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Nainital News: ओखलकांडा में ढाई हजार राशन कार्ड धारकों कोनहीं मिला नवंबर का राशन

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 27 Nov 2022 07:30 AM IST
हल्द्वानी काठगोदाम हैड़ाखान रोड में धंसी सड़क का निरीक्षण करते बीआरओ के अधिकारियों के साथ निरीक
हल्द्वानी काठगोदाम हैड़ाखान रोड में धंसी सड़क का निरीक्षण करते बीआरओ के अधिकारियों के साथ निरीक
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हल्द्वानी। काठगोदाम-हैड़ाखान रोड बंद होने से यहां के 2500 परिवारों को नवंबर का राशन नहीं मिल पाया है। इससे लोग परेशान हैं। अब पूर्ति विभाग दो महीने का राशन एक साथ भेजने की तैयारी कर रहा है। उधर डीएम ने भी इन गांवों में एडवांस राशन भेजने के निर्देश दिए हैं।

हल्द्वानी के पीडीएस गोदाम से ही ओखलकांडा ब्लॉक में पड़ने वाले क्षेत्र में सस्ता गल्ले के राशन की आपूर्ति होती है। यहां से एक महीने में 950 क्विंटल गेहूं-चावल राशन कार्ड धारकों को बांटने के लिए भेजा जाता है। इस क्षेत्र के 2500 राशन कार्ड धारकों को अभी तक नवंबर महीने का राशन नहीं मिल पाया है। उधर दिसंबर का राशन भी गोदाम से उठने लग गया है। पूर्ति निरीक्षक रवि सनवाल ने बताया कि नवंबर-दिसंबर का राशन एक-दो दिन में भेजा जाएगा। कहा कि यहां के लोगों को दो महीनों का राशन एक साथ मिलेगा। उधर डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने इन गांवों में एडवांस राशन भेजने के निर्देश डीएसओ को दिए हैं।

25 नौनिहालों की छूटी पढ़ाई, उच्च शिक्षा ले रहे युवा भी प्रभावित
हल्द्वानी। काठगोदाम-हैड़ाखान मार्ग बंद होने से रौशिल, पसोली और गुमाल गांव के 25 नौनिहालों की पढ़ाई छूट गई है। सामाजिक कार्यकर्ता हरेंद्र सिंह के मुताबिक यह बच्चे काठगोदाम और हल्द्वानी क्षेत्र में केजी और एलकेजी की शिक्षा ले रहे थे लेकिन आवाजाही बाधित होने से अभिभावकों ने बच्चों की फिलहाल पढ़ाई में बंद हो गई है। इन इलाकों में 50 से अधिक बच्चे इंटर तक की शिक्षा काठगोदाम और हल्द्वानी से ले रहे हैं, वे अब हल्द्वानी में ही किराए में या अपने रिश्तेदारों के यहां रहकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। प्रभावित क्षेत्र में 400 से अधिक युवा उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए हल्द्वानी आते-जाते हैं। उन्हें भी अब शिक्षा लेने के लिए दो किलोमीटर का रास्ता पैदल पार करने के साथ ही हल्द्वानी आने-जाने का बढ़ा किराया चुकना पड़ रहा है।
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दो किलोमीटर खड़ी चढ़ाई चढ़कर पहुंच रहे शिक्षक
हल्द्वानी। यहां अध्यापकों की भी चुनौतियां बढ़ गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में तैनात ज्यादातर शिक्षक हल्द्वानी से आवागमन करते हैं। शिक्षकों को रोजाना दो किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार कर विद्यालय पहुंचना पड़ता है। काठगोदाम से दो किलोमीटर आगे मार्ग बंद है। यहां तक शिक्षक टैंपो या अन्य वाहनों से जाते हैं। उससे आगे जाने के लिए दो किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार कर बैंड नंबर नौ पर पहुंचते हैं। यहां से वाहनों के जरिये शिक्षक अपने स्कूलों तक पहुंचते हैं। वहीं, प्रभावित क्षेत्र में 12 प्राइमरी स्कूल, दो जूनियर हाईस्कूल, दो हाईस्कूल और दो इंटर कॉलेज हैं। बसोली, गुमाल गांव, पनिया मेहता, सिरुडी, बढेत, स्यूड़ा, हैड़ाखान, रौशिल और लुगड़ के प्राइमरी स्कूल, स्यूड़ा और उडवा के जूनियर हाईस्कूल, ओखलढूंगा और लुगड़ के हाईस्कूल और हैड़ाखान और रौशिल के इंटर कॉलेज में कार्यरत शिक्षक और स्टाफ रोजाना अपडाउन करते हैं। कई बार वाहन नहीं मिलने पर अध्यापकों को स्कूल पहुंचने में भी देरी हो जाती है।
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पहले गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कराने की होगी व्यवस्था
हल्द्वानी। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की जानकारी जुटा रहा है। सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी का कहना कि प्रभावित क्षेत्र में जिन महिलाओं की डिलीवरी जल्द होने वाली है, उसके संबंध में स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से जानकारी जुटाई जा रही है। डिलीवरी की डेट के हिसाब से गर्भवती महिला को एक सप्ताह पहले ही अस्पताल में भर्ती करने की व्यवस्था की गई है, जिससे कोई दिक्कत न हो। अन्य लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाने की कोशिश की जार रही है।
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