बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW

'मैं दिल को शूट करूं या दिमाग को' मैसेज भेज गोली मार ली

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2020 02:27 AM IST
विज्ञापन
नौकुचियाताल में मृतक वैभव शर्मा के आवास पर पहुंचकर छानबीन करती पुलिस। संवाद न्यूज एजेंसी
नौकुचियाताल में मृतक वैभव शर्मा के आवास पर पहुंचकर छानबीन करती पुलिस। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BHIMTAL

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
भीमताल (नैनीताल)। नौकुचियाताल निवासी युवक ने बृहस्पतिवार देर रात अपने घर में पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। परिजन उसे तुरंत भीमताल सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जवान बेटे की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। युवक भीमताल में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में बीकॉम ऑनर्स का छात्र था।
विज्ञापन

थानाध्यक्ष कैलाश जोशी ने बताया कि हाल निवासी नौकुचियाताल और मूल रूप से मैनपुरी (यूपी) निवासी विभव शर्मा (21) पुत्र विवेक शर्र्मा ने बृहस्पतिवार रात करीब 3.30 बजे अलमारी में रखी अपने पिता की रिवाल्वर मुंह के अंदर डाल खुद को गोली मार ली। विभव के पास में छोटा भाई नमन भी सोया हुआ था। रात में फायरिंग की आवाज सुन नमन ने लाइट जलाकर देखा तो उसका विभव भाई खून से लथपथ पड़ा था। नमन ने शोर मचाया तो परिजन जाग गए। वे विभव को सीएचसी भीमताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

थानाध्यक्ष जोशी ने बताया कि पूछताछ और मोबाइल में फेसबुक के मैसेज देखकर लग रहा है कि विभव ने प्रेम-प्रसंग में तनाव के चलते खुद को गोली मार ली। खबर लिखी जाने तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई थी। घटना की सूचना पर सीओ अनिल मनराल, जिला पंचायत सदस्य अनिल चनौतिया मौके पर पहुंचे। सीओ ने भी परिजनों से पूछताछ की।
‘मैं दिल को श्ूाट करूं या दिमाग को’
थानाध्यक्ष कैलाश जोशी ने बताया कि विभव शर्मा ने रात में एक युवती से फेसबुक मैसेंजर एप पर चैट की थी। चैट में उसने लिखा कि ‘मैं दिल को शूूट करूं या दिमाग को’, फिर लिखा- दिमाग को शूट करता हूं। इसके बाद उसने खुद को अपने पिता को रिवाल्वर से गोली मार ली। ये सभी मैसेज अंग्रेजी में किए गए थे। पुलिस छात्र के मैसेज देखकर प्रेम-प्रसंग में तनाव होने के चलते आत्महत्या जैसा कदम उठाने का अंदेशा लगा रही है।
विभव ने रात में जिस युवती से बात की है, उसमें लास्ट के पांच से छह मैसेज ही शेष हैं। फोन को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। इधर, छात्र की मौत पर ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में शोक व्यक्त किया गया। इस दौरान परिसर निदेशक प्रो. अनिल बालिगा, महानिदेशक प्रो. आरसीएस मेहता आदि रहे।
कमरे में नहीं होती रिवॉल्वर तो शायद बच जाती जान
थानाध्यक्ष ने बताया कि विभव जिस कमरे में रहता था, उसी कमरे में पिता विवेक शर्मा ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर रखी हुई थी। विभव इससे वाकिफ था और जान देने के लिए उसे सबसे आसान तरीका गोली मारना लगा होगा। अगर कमरे के अंदर रिवॉल्वर नहीं रखी होती तो शायद विभव यह कदम नहीं उठा पाता। बताया कि वारदात से पहले बृहस्पतिवार रात युवक ने परिजनों के साथ हंसी-खुशी खाना खाया था, लेकिन रात 3.30 अचानक ऐसा क्या हुआ कि उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। विभव पढ़ाई में भी अव्वल था। विभव शर्मा के पिता विवेक शर्मा नौकुचियाताल में घर पर ही गेस्ट हाउस चलाते हैं। घटना से पत्नी और छोटे बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X