हल्द्वानी में कोरोना के एक मरीज का सैंपल लिया

Haldwani Bureauहल्द्वानी ब्यूरो Updated Thu, 05 Mar 2020 01:42 AM IST
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प्रतीकात्मक फोटो।
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हल्द्वानी। कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विदेश से आए सात लोगों पर स्वास्थ्य विभाग नजर रखे हुए है। सुशीला तिवारी अस्पताल में बुधवार को कोरोना की जांच के लिए एक मरीज का सैंपल लिया गया।
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कोरोना को लेकर शासन से स्वास्थ्य विभाग को बराबर इनपुट मिल रहा है। जनवरी से लेकर अब तक एयरपोर्ट अथॉरिटी ने 24 लोगों की लिस्ट शासन को भेजी। शासन की ओर से सभी की लिस्ट सीएमओ को भेजी गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विदेश से लौटे सभी लोगों के आवास पर जाकर संपर्क साधा। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक व्यक्ति से स्वास्थ्य विभाग की टीम की मुलाकात नहीं हो पाई क्योंकि वह किराए पर रहता था और यहां से जा चुका है। एक व्यक्ति दो दिन रुका और उसके बाद विदेश चला गया।
सीएमओ डॉ. भारती राणा ने बताया कि 15 विदेशियों की 28 दिन की अवधि पूरी हो गई और कोरोना का किसी तरह का कोई लक्षण नहीं मिला। सात पर नजर रखी जा रही है। विदेश से आए एक व्यक्ति को बुधवार की शाम एसटीएच ले जाया गया और उसका सैंपल लिया गया। हालांकि, सैंपल जांच के लिए अभी नहीं भेजा गया है। एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि विदेश से आने के बाद एक व्यक्ति ने सोमवार को ओपीडी में आकर डॉक्टर को दिखाया था। उसका सैंपल लिया गया है। हालांकि उसमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं मिला है।
सेंट्रल एसी न वेंटीलेटर, बना दिए आइसोलेशन वार्ड
कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची है। दावा किया जा रहा है कि जिला अस्पतालों से लेकर एसटीएच तक में आइसोलेशन वार्ड बना दिए गए हैं। आइसालेशन वार्ड में न वेंटीलेटर हैं और ना ही मॉनीटर। ऐसे में अगर कोरोना का एक भी पॉजिटिव केस आ गया तो संभालने में पसीने छूट जाएंगे।
कोरोना से निपटने के लिए सिर्फ मास्क और किटें खरीदीं गईं हैं। स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं से लेकर सीएमओ तक दावा कर रहीं हैं कि अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। मानकों के तहत आइसोलेशन वार्ड में वेंटीलेटर और मॉनीटर जरूरी हैं। साथ ही सेंट्रल एसी की व्यवस्था भी होनी चाहिए। फंडिंग के अलावा सैंपल लेने के लिए पूरी टीम होनी चाहिए। दावा किया जा रहा है कि एसटीएच में 14 और जिला अस्पतालों में पांच से छह बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है।
सुशीला तिवारी अस्पताल ने दो वेंटीलेटर दिए हैं। बाकी सब बाद की बात है। जरूरत पड़ेगी तो एसटीएच से और वेंटीलेटर लिए जाएंगे। सेंट्रल एसी से तो कोरोना और फैलेगा। राज्य सरकार से निर्देश लेकर काम करेंगे। -डॉ. भारती राणा, सीएमओ
वेंटीलेटर की संख्या बहुत अधिक नहीं है। कोरोना मरीजों के लिए अलग आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। जरूरत पड़ने पर सेंट्रल एसी चल जाएगा। दो वेंटीलेटर रखे गए हैं। बहुत अधिक वेंटीलेटर तो अस्पताल में हैं नहीं। -डॉ. अरुण जोशी, एमएस एसटीएच।
लक्षण
- बहुत अधिक थकावट महसूस होती है।
- जुकाम हो जाता है।
- खांसी होने के साथ ही कफ निकलता है।
- गले में घाव होने जैसा महसूस होता है।
- तेज बुखार के साथ सिरदर्द होता है।
बचाव के उपाय
- किसी से हाथ मिलाने से परहेज करें।
- मास्क लगाएं
- दिन में कई बार साबुन से हाथ धोने के साथ ही सेेनेटाइजर लगाएं।
- बाजार और भीड़भाड़ वाले स्थानों में अनावश्यक घूमने से बचें
- किसी दूसरे व्यक्ति को वायरल होने पर बचें
- अधिक से अधिक पानी पिएं।
- जुकाम, खांसी से पीड़ित व्यक्ति से दूरी बनाकर रहें।
- छींकने व खांसी आने पर रुमाल का इस्तेमाल करें।
नैनीताल में दस बेड का आइसोलेशन वार्ड बना
कोरोना वायरस को लेकर जिला अस्पताल में वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एमएस दुग्ताल एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एमएस रावत के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। दस बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। कोरोना से बचाव के नोडल अधिकारी व डिप्टी सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह ने बुुधवार को बीडी पांडे अस्पताल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। डा. दुग्ताल ने बताया कि कोरोना ग्रसित मरीज के इलाज को लेकर शीघ्र ही अस्पताल में मॉक ड्रिल की जाएगी। कोरोना जांच संबंधी किट पहुंच चुकी है।
कॉर्बेट प्रशासन भी अलर्ट
कॉर्बेट पार्क में विदेशी पर्यटक आए हुए हैं। ऐसे में अब कॉर्बेट प्रशासन भी विदेशी पर्यटकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने की तैयारी कर रहा है। पौड़ी के डिप्टी सीएमओ के भी जल्द ही कॉर्बेट पहुंचने की बात कही जा रही है। हालांकि इस बारे में कॉर्बेट प्रशासन इंकार कर रहा है। सीटीआर निदेशक राहुल ने बताया कि विदेशी पर्यटकों की एयरपोर्ट में ही जांच होती है। फिर भी प्रशासन अपने स्तर पर भी विदेशी पर्यटकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराएगा। संवाद
एसटीएच में पैरासिटामाल टैबलेट का संकट
कोरोना को लेकर किसी भी स्तर पर गंभीरता नहीं बरती जा रही है। सुशीला तिवारी अस्पताल में पैरासिटामाल का पर्याप्त स्टाक नहीं है। कोरोना के अधिक मामले सामने आने पर दवा का संकट हो सकता है।
एसटीएच में पैरासिटामाल की 17 हजार टैबलेट स्टाक में है। एक दिन में डेढ़ सौ से दो सौ टैबलेट की खपत होती है जबकि पैरासिटामाल के 7200 इंजेक्शन हैं। प्रतिदिन पांच सौ इंजेक्शन की खपत होती है। एसटीएच में कुल 215 मास्क हैं और महज 65 किट आई हैं। जबकि डाक्टरों और स्टाफ को मिलाकर संख्या इससे कहीं अधिक है।
दूसरी ओर सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में ढाई लाख पैरासिटामाल की टैबलेट हैं और चार हजार इंजेक्शन हैं जबकि केंद्रीय औषधि भंडारण गृह से जिले के राजकीय एलोपैथिक अस्पतला, सीएचसी और पीएचसी को दवाओं की आपूर्ति की जाती है। केंद्रीय औषधि भंडारण गृह में आठ लाख पैरासिटामाल की टैबलेट और पैरासिटामाल के सौ इंजेक्शन हैं। गृह में पैरासिटामाल के इंजेक्शनों की संख्या कम हैं। हालांकि इसका आर्डर गया हुआ है।
पैरासिटामाल की कमी नहीं होने दी जाएगी। दो दिन के भीतर खरीद के लिए ऑर्डर भेज दिया जाएगा।
डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कालेज
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