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धनगढ़ी गेट पर इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकर्पण

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2020 12:57 AM IST
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रामनगर में धनगढ़ी गेट पर इंटरप्रिटेशन सेंटर को देखते मुख्यमंत्री।
रामनगर में धनगढ़ी गेट पर इंटरप्रिटेशन सेंटर को देखते मुख्यमंत्री। - फोटो : RAMNAGAR

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रामनगर (नैनीताल)। एक करोड़ की लागत से धनगढ़ी गेट पर बने इंटरप्रिटेशन सेंटर (कॉर्बेट परिचय केंद्र), नेचर शॉप, कैंटीन का मुख्यमंत्री ने फीटा काटकर लोकार्पण किया। लोकार्पण करने के बाद सीएम ने इंटरप्रिटेशन सेंटर को अंदर जाकर देखा। सीटीआर के अधिकारियों द्वारा सीएम को सेंटर के बारे में जानकारी दी गई। अपने उद्बोधन में सीएम ने रामनगर के तीन टोंगिया गांव को राजस्व गांव बनाने की घोषणा की और कॉर्बेट में 252 बाघों की संख्या में बारे में बताया।
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कार्बेट पार्क बाघों के संरक्षण के साथ ही इस बात के लिए भी जाना जाएगा कि यह वही पार्क है जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलवामा आतंकी हमले का बदला एवं प्रतिकार लेने के लिए दृढ़ निश्चय एवं संकल्प लिया था। पाकिस्तान में घुसकर भारतीय जवानों ने आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूत कर दिया। इस वजह से भी कॉर्बेट पार्क को स्मरणीय है। इंटरप्रिटेंशन सेंटर अत्याधुनिक है और यहां आने वाला पर्यटक इसको देखकर बेहद रोमांचित होगा। इसके खुलने से पर्यावरण एवं वन्य जीव प्रेमियों को कार्बेट पार्क की जैव विविधता को जानने एवं समझने में आसानी होगी।

नए पर्यटन जोन से मिलेगा रोजगार
रिंगौडा पर्यटन जोन 15 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। जिसमें 50 जिप्सी तथा 50 नेचर गाइड को रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही क्षेत्रीय जनता को भी लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में अटल आयुष्मान योजना बहुत अधिक कारगर सिद्ध हुई है। अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत राज्य के दो लाख से अधिक लोगों को लाभ मिला है, जिसमें 192 करोड़ रुपये खर्च हुए है। चुनाव के सवाल पर सीएम ने कहा कि अभी उनका ध्यान कोविड़ जैसी खतरनाक बीमारी को दूर करने पर है। इस बीमारी के चलते बेरोजगार हुए लोगों को रोजगार दिलाना उनकी प्राथमिकता है। फिलहाल वह चुनाव के बारे नहीं सोच रही है।
पिरूल अब प्रदेश के लिए संकट नहीं
सीएम ने कहा कि पिरूल जिसे संकट एवं समस्या माना जाता है। उसके रेजिन एवं लीसा से मलेशिया में 127 किस्म के उत्पाद बनाए जा रहे हैं। बैजनाथ में लीसा एवं रेजिन से 7 से 8 प्रकार के उत्पाद बन रहे हैं। चीड़ की पत्तियों से चारकोल, बिजली उत्पादन हो रहा है। पीरुल से 25 किलो वाट की विद्युत उत्पादन यूनिट में 207 लोगों को पहले फेज में एक यूनिट द्वारा काम दिया गया है। यूनिट की क्षमता बढ़ने के साथ ही रोजगार में भी वृद्धि होगी।

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