लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital ›   Disaster Manegment in Dharchula

आपदा की दृष्टि से संवेदनशील चीन सीमा से लगी दारमा वैली में सीजनल थाना और एसडीआरएफ तैनात करने की तैयारी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 20 Nov 2021 12:13 AM IST
दारमा वैली।
दारमा वैली। - फोटो : PITHORAGARH
विज्ञापन
ख़बर सुनें
पिथौरागढ़। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील और चीन सीमा से सटी दारमा घाटी में अस्थायी थाना खोलने और एसडीआरएफ को तैनात करने की तैयारी शुरू हो गई है। थाने के अस्तित्व में आने से पूर्व यहां पर सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए वायरलेस सिस्टम को भी स्थापित कर होमगार्ड या पीआरडी जवान को तैनात किया जाएगा। इससे पुलिस प्रशासन को आपदा और सीमांत की अन्य घटनाओं की जानकारी आसानी से मिल सके।

धारचूला विकासखंड की दारमा घाटी आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है। यहां की कानून व्यवस्था का जिम्मा राजस्व पुलिस के पास है। सड़क के बदहाल होने और रास्तों के बदहाल होने से यहां पर पहुंचने में काफी समय लग जाता है। सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए कोई संसाधन न होने से आपदा राहत कार्यों में काफी दिक्कतें होतीं हैं। कई बार आपदा, दुर्घटना जैसी घटनाओं की जानकारी समय से प्रशासन को नहीं मिल पाती है। इसी को देखते हुए यहां पर पुलिस का अस्थायी थाना खोलने की तैयारी कर रही है।

अस्थायी थाना खुलने में काफी समय लग सकता है। इसलिए यहां पर तब तक एसडीआरएफ की तैनाती की तैयारी चल रही है। एसडीआरएफ की तैनाती से पूर्व यहां पर सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए होमगार्ड या पीआरडी जवान को तैनात करने की भी योजना है। यहां से सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए वायरलेस सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा। इसकी मदद से पुलिस प्रशासन को आसानी से सूचना मिल सकेगी।
सबसे खूबसूरत घाटी मानी जाती है दारमा
पिथौरागढ़। दारमा घाटी सबसे खूबसूरत मानी जाती है। यहां पंचाचूली का आधार शिविर होने के कारण देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। यहां पर पर्यटकों की सुविधाओं के लिए काफी होम स्टे संचालित हैं। दारमा घाटी में आने वाले 14 गांव सेला, चल, नागलिंग, बालिंग, बौन, फिलम, दुग्तू, सौन, दांतू, गौ, ढांकर, विदांग, मार्छा, सीपू काफी खूबसूरत हैं। इसलिए यहां पर बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।
चीन सीमा से सटी है दारमा घाटी
पिथौरागढ़। दारमा घाटी चीन सीमा से सटी है। यहां आईटीबीपी की दांवे और विंदाग चौकी में हिमवीर देश की सरहदों की रक्षा के लिए साल भर तैनात रहतीं हैं। सर्दी के मौसम में यहां ज्यादा बर्फबारी होने के कारण सैनिकों को दिक्कतें होतीं हैं। इन अग्रिम चौकियों में हेलिकॉप्टर के माध्यम से खाद्यान्न और अन्य सामग्री भेजी जाती है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00