रिश्वत लेते धरा गया लोनिवि का अधिशासी अभियंता

Nainital Updated Sun, 24 Nov 2013 05:45 AM IST
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भीमताल। लोनिवि के विद्युत यांत्रिक खंड के अधिशासी अभियंता को शनिवार को विजिलेंस टीम ने 25 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा। विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद से सरकारी महकमों मेें हड़कंप मचा हुआ है।
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सतर्कता अधिष्ठान के पुलिस उपाधीक्षक टीडी वैला ने बताया कि नैनीताल की फर्म जोशी इंटरप्राइजेज लोनिवि में विद्युत कार्य करने के लिए ए श्रेणी के तहत पंजीकृत है। लोनिवि की विद्युत यांत्रिक शाखा की ओर से जोशी इंटरप्राइजेज को कुछ समय पहले नैनीताल स्थित राजभवन और हाईकोर्ट में विद्युतीकरण से संबंधित लाखों रुपये का कार्य आवंटित हुआ था, जिसे उक्त फर्म ने निर्धारित अवधि के तहत पूरा करने के बाद कार्यों के बिल भुगतान के लिए लोनिवि कार्यालय में प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि उक्त विद्युतीकरण कार्यों की माप संबंधित अवर अभियंता ने की और कार्य को संतोषजनक पाए जाने के बाद बिलों के भुगतान के लिए अपनी संस्तुति दी थी। वैला ने बताया कि अवशेष बिलों का भुगतान करने के एवज में ईई ने 25 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। भुगतान नहीं होने पर जोशी इंटरप्राइजेज ने सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी में ईई के खिलाफ शिकायत की। सतर्कता अधिष्ठान के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा के निर्देश पर छापामारी टीम ने शनिवार को वैला के नेतृत्व में विद्युत यांत्रिक दफ्तर में ईई सतेंद्र कुमार भटनागर को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ धर दबोचा। ट्रेप टीम में निरीक्षक मोहन चंद्र दुर्गापाल, निरीक्षक टीआर वर्मा, आरक्षी इसरार नबी, राजेंद्र नाथ गोस्वामी, हेमंत पुरी, इमरान खान व चालक गिरधर शामिल थे।
ट्रेप टीम को मिला ढाई हजार का पुरस्कार
भीमताल। भ्रष्टाचार में लिप्त लोनिवि विद्युत यांत्रिक विभाग के ईई सत्येंद्र कुमार भटनागर को रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार करने पर विजिलेंस के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा ने ट्रेप टीम को 2500 रुपये नकद पुरस्कार दिया है। मीणा ने ट्रेप टीम को उच्चाधिकारियों के माध्यम से भी पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

लंबे समय से मिल रही थी भ्रष्टाचार की शिकायतें

भीमताल। लोनिवि विद्युत यांत्रिक कार्यालय में तैनात ईई सत्येंद्र कुमार भटनागर के खिलाफ विजिलेंस टीम को पिछले काफी समय से रिश्वतखोरी की शिकायतें मिल रही थी। ट्रेप टीम के सदस्यों के मुताबिक भटनागर मूल रूप से मुरादाबाद क्षेत्र के निवासी हैं और पिछले डेढ़ साल से यहां कार्यरत हैं। विजिलेंस टीम के सदस्य बताते हैं कि इससे पूर्व वह पिथौरागढ़ में तैनात थे और वहां से भी उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रही थी। ट्रेप टीम को उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार करने के लिए मौके की तलाश थी और वह मौका शनिवार को मिला।


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