बिजली-पानी के कर्ज में दबे सरकारी स्कूल

Nainital Updated Thu, 24 Oct 2013 05:43 AM IST
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हल्द्वानी। शिक्षा विभाग से बजट न मिलने पर प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों पर हजारों रुपये बिजली-पानी का बिल बकाया हो गया है। इस वजह से कई स्कूलों का बिजली-पानी का कनेक्शन कटने की नौबत आ गई है। जलसंस्थान ने स्कूलों को पानी का कनेक्शन काटने के नोटिस तक भेज दिए हैं। इससे प्रधानाध्यापक काफी परेशान हैं।
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अनिवार्य एवं नि:शुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद से कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की फीस पूरी तरह माफ कर दी गई है। प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों में पढ़ने वालों से मासिक फीस के अलावा किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता। इस कारण स्कूलों को छोटे-मोटे खर्चे चलाने तक मुश्किल हो गए हैं। पहले फीस के साथ ही स्कूल बिजली-पानी का शुल्क भी बच्चों से ले लेते थे, लेकिन अब ऐसा न होने से स्कूलों पर बिजली-पानी का हजारों रुपये का बकाया हो गया है।
शहरी क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल राजेंद्रनगर पर पानी का 24 हजार, वार्ड नंबर चार के स्कूल पर 41,413, रेलवे ग्राम स्कूल पर बिजली का 1,116 रुपये और गांधीनगर स्कूल पर 63,336 रुपये बकाया है। जूनियर हाईस्कूल मुखानी पर बिजली का तीन हजार, जवाहर ज्योति प्राइमरी स्कूल पर करीब पांच हजार, बिष्टधड़ा प्राइमरी स्कूल पर करीब सात हजार, हिम्मतपुर जूनियर हाईस्कूल पर भी तीन हजार से अधिक बकाया है। मोतीनगर प्राइमरी स्कूल पर तीन हजार, कठघरिया स्कूल पर 1500 रुपये, देवलचौड़ प्राइमरी स्कूल पर दो हजार, गौजाजाली स्कूल पर पांच हजार से अधिक बिजली का बकाया है। प्रधानाध्यापकों ने बताया कि विभाग से पिछले साल भी बिजली-पानी के बिल के मद में पैसा मांगा था, मगर कोई राशि नहीं मिली। उनका कहना है कि जलसंस्थान सेे पानी का कनेक्शन काटने का नोटिस आया है। इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को दे दी गई है।
इधर, विद्युत और जलसंस्थान द्वारा सरकारी स्कूलों पर घरेलू से अधिक दरें लगाने से बिल अधिक आ रहा है। स्कूलों का कनेक्शन न तो घरेलू ही है और न ही व्यवसायिक ही है। इनमें बीच की दरें रखी गई हैं।
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सरकारी स्कूलों द्वारा लंबे समय से बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। सबसे ज्यादा गांधीनगर स्कूल पर बकाया है। बकाया अदा करने को स्कूलों को कहा गया है। इसके बाद विभाग कार्रवाई करेगा।
-नवीन मिश्रा, अधिशासी अभियंता, पावर कारपोरेशन टाउन
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शहरी क्षेत्र के कई ऐसे स्कूल हैं जिन पर पचास हजार से अधिक पानी का बिल बकाया है। जलसंस्थान की ओर से स्कूलों को बकाया भुगतान के लिए नोटिस भेजे गए हैं, अन्यथा कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
-केसी पांडेय, अधिशासी अभियंता, जलसंस्थान
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स्कूलों से बिजली-पानी के बकाया के संबंध में सूचना मांगी गई है। डिमांड के आधार पर स्कूलों को बिल भुगतान के लिए राशि दी जाएगी। विभाग को बजट मिल गया है।
-आरसी पुरोहित, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक)
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