550 गर्भवती महिलाओं की जांच रुकी

Nainital Updated Wed, 23 Oct 2013 05:43 AM IST
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हल्द्वानी। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय जननी सुरक्षा योजना पर राज्य सरकार की हट से ग्रहण लग गया है। लैब टेक्नीशियनों और सरकार की अकड़ का खामियाजा गरीब गर्भवती महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है। बेस अस्पताल में हड़ताल के चलते महिला अस्पताल से जाने वाली सैकड़ों जांचें रुकी हुई हैं। पिछले पांच-छह दिनों करीब 550 महिलाओं को बगैर जांच के लौटना पड़ा है। इसके अलावा जिनके प्रसव का समय नजदीक है, उन महिलाओं को निजी अस्पतालों में जांच करानी पड़ रही है।
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नैनीताल रोड स्थित महिला अस्पताल में रोज करीब 50 गर्भवती महिलाएं इलाज के लिए आती हैं। इसमें करीब 10-12 प्रकार की जांचें होती हैं। इसमें एचआईवी की जांच तो महिला अस्पताल में हो जाती है जबकि एचबी, एबीओआरएच, वीडीआरएल, बीएसयूजी और बीटीसीटी जांच के लिए महिलाओं को बेस अस्पताल जाना पड़ता है। पिछले सात दिनों से बेस में लैब टेक्नीशियनों की हड़ताल के कारण यह जांचें बंद हैं। इससे गरीब महिलाओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के डाक्टर कहते हैं कि कुछ समय तक तो इन जांचों को टाला जा सकता है लेकिन अधिक देरी खतरनाक भी हो सकती है।
हड़ताल से सबसे अधिक राष्ट्रीय जननी सुरक्षा योजना प्रभावित हुई है। इस योजना का मकसद सुरक्षित प्रसव है। इस योजना में प्रसव के लिए अस्पताल आने वाली महिलाओं को सरकार नकद रुपयों के साथ ही मुफ्त इलाज भी देती है। लेकिन बेस में हड़ताल के कारण इस योजना के तहत मिलने वाले पैसे से अधिक रुपये निजी अस्पतालों में जांच में खर्च हो रहा है।
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