डायबिटीज पर भारी पड़ी तेज पत्ता-एलोविरा की ‘यारी’

Nainital Updated Mon, 26 Nov 2012 12:00 PM IST
हल्द्वानी। तेज पत्ता और एलोविरा की ‘जुगलबंदी’ डायबिटीज के इलाज में बेहद कारगर है। इसका प्रयोग किया जाए तो डायबिटीज रोग काफी हद तक काबू में आ सकता है। तेज पत्ता और एलोविरा के मधुमेह में इस गुणकारी बात की खोज पंत नगर विश्वविद्यालय में हुए शोध में सामने आई है। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के अनुसार इसके जरिए मधुमेह की बिना शरीर पर साइड इफेक्ट दवा बनाने की राह आसान हुई है।
डायबिटीज रोग एक चुनौती बना हुआ है। वैज्ञानिकों के अनुसार मधुमेह के इलाज में जो दवा मौजूद है, उसके भी साइड इफेक्ट है। इसको लेकर 2010 में गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वेटनरी फार्माकोलॉजी के डा. एसपी सिंह और मालीक्युलर बायोलॉजी एंड जेेनेटिक्स विभाग के डा. अनिल कुमार के निर्देशन में टीम संयुक्त रूप से साइड इफेक्ट रहित दवा बनाने को शोध शुरू किया। इसके बाद वैज्ञानिकों ने तेज पत्ता और एलोविरा (धृतकुमारी) को आजमाने का फैसला किया है। जेनेटिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष डा. अनिल कुमार कहते हैं कि शोध के तहत हमने चूहों में दोनों वनस्पतियों के हाइड्रो एथेनालिक एस्ट्रेक्ट को दिया गया। इसमें देखा गया कि इसके प्रभाव से चूहों में ग्लूकोज की मात्रा कम हुई। आखिर यह तत्व कैसे काम करते हैं, इसकी क्रिया विधि समझने को सेल कल्चर मॉडल पर टेस्ट किया गया। इसमें पाया गया कि तेज पत्ता और एलोविरा के गुण इंसुलिन पाथ वे को प्रभावित करते हैं, इससे सेल ग्लूकोज की मात्रा को अपने अंदर सम्माहित कर लेते हैं और रक्त में शुगर की मात्रा कम हो जाती है।
मालीक्यूलस की पहचान
हल्द्वानी। मालीक्युलर बायोलॉजी एंड जेेनेटिक्स विभाग के डा. अनिल कुमार कि अभी तक के अनुसंधान में हमें यह पता चला है कि एलोविरा-तेज पत्ता मधुमेह के इलाज में कारगर है। पर इन दोनों वनस्पतियों में कौन से मालीक्यूलस है, जो यह काम करते हैं, उसके बारे में जानकारी नहीं है, अब मालीक्यूलस आइडिंटीफाइड करने के लिए शोध शुरू किया जाएगा। जब चरण पूरा होगा, फिर उसका पेंटेट कराने और वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद एक निजी कंपनी को विधि हस्तांतरित की जाएगी। उसके बाद निजी कंपनी ही व्यवसायिक उत्पादन करेगी। इसमें अभी कुछ समय लगेगा।
जर्नल में प्रकाशित
हल्द्वानी। पंत नगर विश्वविद्यालय तेज पत्ता और एलोविरा के इस गुण पर इंटरनेशनल एक रिसर्च पेपर इंटरनेशनल अंतर्राष्ट्रीय जर्नल आफ एप्लाइड बायोकेमेस्ट्री में प्रकाशित भी किया गया है।
बडे़ पैमाने पर खेती
हल्द्वानी। जंगलात ने तेज पत्ता को बढ़ावा देने के लिए नैनीताल रोड पर स्थित भुजियाघाट में एक नर्सरी विकसित की है। इसमें तेज पत्ता के पौधों को तैयार कर कृषकों को वितरित किया जाता है। अब भुजियाघाट, डोलमार आदि इलाके में बड़ी संख्या में तेज पत्ता के पेड़ तैयार हो चुके हैं। जहां पत्ते की बिक्री किसान करते हैं।

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