मात्र चार लोगों को आंदोलनकारी का दर्जा, रोष

Nainital Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
भीमताल। राज्य आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की बैठक में प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन द्वारा भीमताल और आसपास के क्षेत्रों से मात्र चार लोगों को राज्य आंदोलनकारी के रूप में चिह्नित करने पर हैरानी जताई है। वक्ताओं ने कहा कि राज्य आंदोलन में इन क्षेत्रों से सैकड़ों लोगों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर जीवन दांव पर लगाया लेकिन सरकार और प्रशासन ने मात्र चार लोगों को ही राज्य आंदोलनकारी मानकर अन्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा की है। मांग की गई कि नए सिरे से आंदोलनकारियों का चिह्निकरण किया जाए।
मल्लीताल स्थित रामलीला मैदान में मोर्चा के प्रदेश महासचिव पुष्कर सिंह मेहरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र में कम से कम उन सभी लोगों को राज्य आंदोलनकारी का दर्जा दिया जाए जिन्होंने क्षेत्र में लंबे समय तक राज्य आंदोलन का नेतृत्व किया और जान जोखिम में डालकर दिल्ली में दो अक्तूबर को हुई रैली में हिस्सा लिया। तय किया गया कि यदि शीघ्र उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह आंदोलन करेंगे। बैठक में प्रदेश महासचिव पुष्कर सिंह मेहरा के अलावा हेम पाठक, प्रकाश लौशाली, विजय बिष्ट, प्रेम सिंह कुल्याल, योगेश तिवारी, तारादत्त जोशी, पूरन भगत, दीपक चनौतिया, कविंद्र बिष्ट, यमुना दत्त बेलवाल, किशन जोशी, नंदन सिंह मेहरा, किरन तिवारी, देवी दत्त हरबोला, धीरेंद्र तिवारी, दिनेश सांगुड़ी, संजय जोशी, सुनील सांगुड़ी, नवीन नौटियाल आदि ने विचार व्यक्त किए।

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