स्यात गांव की वन पंचायत के जंगल में मिला गुलदार का शव

Nainital Updated Thu, 15 Nov 2012 12:00 PM IST
कालाढूंगी/रामनगर। कालाढूंगी रेंज रामनगर वन प्रभाग से सटे स्यात वन पंचायत के जंगल में तार बाड़ में फंसकर घायल हुए नर गुलदार की मौत हो गई। बुधवार सुबह गुलदार का शव मिलने से ग्रामीणों, वनाधिकारियों में हड़कंप मच गया। आशंका यह भी जताई जा रही है कि गुलदार को अन्यत्र मारकर शव यहां फेंका गया हो। वनाधिकारियों का कहना है कि इस मामले में केस दर्ज कर जांच की जाएगी।
कोटाबाग ब्लाक स्यात गांव के ग्रामीणों ने बुधवार की सुबह बौर नदी किनारे गुर्रानी बीट से सटे वन पंचायत के जंगल में एक गुलदार का शव देखा। सूचना मिलते ही रेंजर जगजीवन राम, वनदरोगा, वन बीट अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीओ उमेश चंद्र जोशी की निगरानी में पंचनामा भरने के बाद रेंज परिसर में पोस्टमार्टम के बाद शव की अंत्येष्टि कर दी गई। कार्बेट टाइगर रिजर्व के डा. भारत सिंह, कालाढूंगी के डा. एके रावत ने शव का पोस्टमार्टम किया। इस नर गुलदार की आयु करीब पांच वर्ष आंकी गई है। डीएफओ प्रेमशंकर श्रीवास्तव ने अन्यत्र मृत्यु के बाद शव को दूसरे स्थान पर फेंकने की आशंका जताते हुए कहा कि एचटू केस दर्ज कर घटना की जांच कराई जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि फंदे से जख्मी होकर कई दिनों से आबादी के किनारे घूमने के बावजूद गुलदार की समुचित निगरानी, उपचार प्रक्रिया नहीं हो सकी। अन्यथा उसकी जान बचाई जा सकती थी।

इनसेट
वनाधिकारियों की लापरवाही
कालाढूंगी। गत वर्ष उत्तरी जसपुर रेंज फांटो के बाद गत माह बन्नाखेड़ा रेंज बैलपड़ाव में भी एक बाघ का शिकार हुआ था। अब कालाढूंगी रेंज में भी फंदे में फंसने से जख्मी एक गुलदार दम तोड़ चुका है। स्यात के ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय वन बीट अधिकारियाें को सूचित करने के बावजूद गुलदार का उपचार, निगरानी नहीं हो सकी। लापरवाही के कारण अकेले कालाढूंगी क्षेत्र में ही चार माह की अवधि में चार गुलदारों की मृत्यु हो चुकी है। इनमें से दो गुलदार मार्ग दुर्घटना में मरे।

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