डंपर के लिए बनेगी गौला में समानांतर सड़क!

Nainital Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
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हल्द्वानी। गौला नदी खनन में लगे करीब सात हजार डंपर और ट्रैक्टर-ट्रालियों को एक साथ खड़ा कर दिया जाए, तो वह काठगोदाम से बिंदुखत्ता तक करीब 40 किलोमीटर तक की सड़क पर केवल डंपर ही दिखाई देंगे॥ यह हिसाब-किताब खुद परिवहन विभाग ने निकाला है। अब परिवहन विभाग ने ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान के तहत वन विभाग को खनन वाहनों के लिए समानांतर सड़क बनाने का प्रस्ताव भेजा है।
गौला नदी में करीब साढ़े हजार डंपर और करीब पांच सौ ट्रैक्टर ट्रालियां खनन में लगती है। यह डंपर शीशमहल गेट से लेकर लालकुआं में लगे अधिकांश स्टोन क्रेशर में खनिज की आपूर्ति करते हैं। परिवहन विभाग का मानना है कि अधिकांश डंपरों का मूवमेंट शहर और आसपास की 40 किलोमीटर की सड़क पर रहता है। खनन वाहन सड़क पर एक साथ उतार दिया जाए तो पूरी सड़क भर जाएगी। इसके अलावा दूसरे वाहन भी सड़क पर चलते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका रहती है। इसको देखते हुए परिवहन विभाग ने वन विभाग को गौला में ही समानांतर सड़क बनाने का प्रस्ताव भेजा है। इसमें बाईपास की तर्ज पर नदी क्षेत्र में ही मार्ग बनाने को कहा है, जिससे डंपर आदि कम से कम मुख्य मार्ग पर आ सकें। आरटीओ एसके सिंह कहते हैं कि सड़क की क्षमता कम है, खनन वाहन चलने पर दबाव बढ़ता है। अगर कोई वैकल्पिक मार्ग बन जाए, तो काफी हद तक समस्या दूर हो सकती है। इस संबंध में वन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। तराई पूर्वी डिवीजन के डीएफओ पीके पात्रों कहते हैं कि सुरक्षित तरीके से खनन हो, इसके लिए जो भी कदम होंगे, वह उठाये जायेंगे। विभाग हर तरह से सहयोग करेगा।

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