हमारे सांसद कौन हैं...कुछ याद नहीं पड़ता

Nainital Updated Tue, 09 Oct 2012 12:00 PM IST
हल्द्वानी। मुरादाबाद के सांसद अजहरुद्दीन को ढूंढने के लिए वहां की जनता को मोमबत्ती जलाकर उनकी खोज में अभियान चलाना पड़ा था। जनता जनार्दन के मोमबत्ती अभियान की रोशनी से अजहरुद्दीन को हैदराबाद छोड़कर मुरादाबाद आना पड़ा। ऐसा ही वाक्या पिछले दिनों पौड़ी के सांसद सतपाल महाराज और रामनगर से विधायक उनकी पत्नी अमृता रावत के साथ हुआ। जब क्षेत्र में उनके गायब होने के पोस्टर लग गए। जगह जगह इश्तेहार चस्पा होने से विधायक और सांसद को रामनगर में डेरा डालकर जनता की समस्याएं सुनने को मजबूर होना पड़ा। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर के सांसद केसी बाबा की क्षेत्र में सक्रियता देखने के लिए सोमवार को अमर उजाला ने अलग अलग लोगों की राय जाननी चाही। 90 फीसदी लोगों ने सांसद केसी बाबा को पहचानने और जानने से इंकार कर दिया।
बरेली रोड, मंडी गेट पर फास्ट फूड कार्नर चलाने वाले जितेंद्र जैन बताते हैं, केसी बाबा एक पहलवान हैं। उनकी फोटो कभी कभार टीवी में दिखती है। टीवी में भी वे बाडी दिखाने के बजाए बाडी बिल्डरों के साथ खड़े नजर आते हैं। जितेंद्र से जब क्षेत्र के सांसद के बारे में पूछा तो उसने तपाक से जवाब दिया इंदिरा हृदयेश। इंदिरा नगर में राजमिस्त्री मोहम्मद अनवार सिर्फ नेता जी को जानते हैं। नेता जी सुभाष चंद्र बोस नहीं बल्कि वनभूलपुरा में आम लोगों से जुड़े मतीन सिद्दीकी हैं। मो अनवार से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी केसी बाबा का नाम सुना या फिर देखा है? तो मो अनवार ने जवाब दिया वह बाबाओं के चक्कर में नहीं पड़ता है।
रामपुर रोड में 10 साल से चाय की ठेली चला रहे 49 वर्षीय जगत सिंह हर चुनाव में वोट करते हैं, लेकिन अपने संसदीय क्षेत्र से लोकसभा तक पहुंचने वाले सांसद का नाम उन्हें नहीं मालूम। हमने जब पूछा तो उत्तर मिला सांसद की कभी शक्ल नहीं देखी। उनका जिक्र भी कहीं नहीं आया। नाम जानकर क्या करें, जब उनका काम ही कुछ नहीं है।
जेल रोड निवासी 25 वर्षीय किशोर बिष्ट युवा वोटर है। संसदीय चुनाव 2009 में किशोर ने अपना पहला वोट किया था। सांसद का नाम पूछने पर वह कहता है कि कभी हल्द्वानी में सांसद ने दर्शन दिए होते तो याद रहता। उनका नाम मैंने न तो सुना और न ही जानने की कोशिश की।
इंजीनियरिंग की कोचिंग कर रहे छात्र नितिन पाठक को भी सांसद के बारे में जानकारी नहीं है। वह अपनी पढ़ाई में ध्यान देता है। सांसद कौन है, क्या है, उससे मुझे क्या लेना-देना। रामपुर रोड निवासी गृहणी जया जोशी कहती हैं कि उन्होंने सांसद के बारे में कभी नहीं सुना। उनके क्षेत्र का सांसद कौन है, उन्हें पता नहीं है। उन्होंने तो आज तक कभी भी सांसद को क्षेत्र में नहीं देखा।रामपुर रोड के रहने वाले बिशन सिंह बिष्ट कहते हैं कि मुझे केवल अपने ग्राम प्रधान का नाम पता है। उसी से काम पड़ता है। सांसद के बारे में पता कर के भी क्या करना हुआ। सीएमटी कालोनी की ग्रहणी कमला कहती हैं कि कोई बाबा-बाबा कर के है, पूरा नाम पता नहीं है।
धानाचूली से सब्जी बेचने भीमताल पहुंचे मोहन राम का कहना है कि लोकसभा चुनाव में ही उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में केसी बाबा का नाम सुना था। बाद में पता चला कि वह चुनाव जीत गए हैं, लेकिन आज तक उन्हें देखा नहीं है। धारी के नारायण सिंह का कहना है कि वह सांसद का नाम तो जानते हैं, लेकिन क्षेत्र में आज तक कभी नहीं देखा। भांकर निवासी पूरन चंद्र कहते हैं, केसी बाबा बाडी बिल्डिंग के चैंपियन रहे हैं। सांसद के रूप में जनता से उनका संवाद नहीं है
रुद्रपुर सुभाष कालोनी निवासी असलम सलमानी से जब इस बारे में पूछा तो वह सोच में पड़ गए, बोले सुना तो है लेकिन याद नहीं आ रहा कि सांसद कौन सा जिला है। गोल मार्केट निवासी प्रतुल वर्मा कहते हैं, कोई न कोई तो सांसद होगा ही। रम्पुरा निवासी केवल राम सांसद के बारे में थोड़ा बहुत जानते हैं। वे कहते हैं संासद का नाम केसरी बाबा है और वे बाजपुर के रहने वाले हैं। चुनाव से पहले एक बार केसी बाबा को देखा था, चुनाव जीतने के बाद कभी देखने का मौका नहीं मिला। गोल मार्केट निवासी रिंकू ने बताया कि राजकुमार ठुकराल हमारे सांसद हैं। इंदिरा कालोनी निवासी विक्की खान भी सांसद के बारे में कुछ खास नहीं बता पाए।


समस्याएं सुलझाने कोसों दूर से आते हैं फरियादी
सांसद के कैंप कार्यालय में सुबह से जुटी रहती है भीड़
काशीपुर। सांसद केसी सिंह बाबा अपने काशीपुर प्रवास के दौरान नियमित तौर से कैंप कार्यालय में जनसमस्याएं सुनने को मौजूद रहते हैं। इस दौरान ऊधमसिंह नगर से लेकर नैनीताल जिले के हल्द्वानी, लालकुआं से लेकर कोटाबाग से लेकर गौलापार तक के फरियादी अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं।
नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा क्षेत्र के लगातार दूसरी बार सांसद बने केसी सिंह बाबा पर अकसर जनता से संवाद कायम नहीं रखने के आरोप लगते हैं। यहां तक कि बीते लोकसभा चुनाव में जनसंपर्क के दौरान तो लोगों ने इस मामले को लेकर खुलकर अपनी नाराजगी भी जताई। इसके बाद सांसद ने पहली बार नगर क्षेत्र में अपना स्थायी कार्यालय खोला। फिलहाल दिल्ली या अन्यत्र प्रवास नहीं होने पर सांसद रोजाना रामनगर रोड स्थित कार्यालय में दुपहर 12 से 3 बजे तक जनसमस्याएं सनते हैं। सांसद के व्यक्तिगत सलाहकार अशोक शर्मा के अनुसार इसके बाद सांसद क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों या पार्टी के क्रियाकलापों में भाग लेने जाते हैं।
उधर सांसद बाबा ने दिल्ली से फोन पर बताया कि वह जनता की हर समस्या के समाधान के लिए उपलब्ध रहते हैं। अलबत्ता लोकसभा सत्र की व्यस्तता के दौरान वह व्यक्तिगत रुप से जनता के संपर्क में नहीं रहते हैं। लेकिन उनके कार्यालय में प्राप्त शिकायतों का वह संज्ञान लेते हैं।

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