शहर की सूरत बिगाड़ रहे इमारत बनवाने वाले

Nainital Updated Tue, 09 Oct 2012 12:00 PM IST
हल्द्वानी। अतिक्रमण अब इस शहर के लिए नया शब्द नहीं। कहीं ठेले लगाओ तो कहीं झोपड़ी बना दो और कहीं रेत, ईंट, रोड़ी-बजरी का चट्टा। निर्माण सामग्री का ढेर सड़क तक आए, दुर्घटना हो जाए फिर भी फर्क नहीं पड़ता। शहर की सूरत को इमारत बनवाने वालों ने भी जमकर बिगाड़ा है। यहां प्रशासन-नगर निगम दोनों हैं, लेकिन अफसर नकारा। क्योंकि इनकी आंखों को कुछ नहीं दिखता। जगह-जगह बिना किसी डर के लगाए गए निर्माण सामग्री के ढेर अफसरों की गैर जिम्मेदारी का उदाहरण हैं।
रामपुर रोड, बरेली रोड, नैनीताल रोड और कालाढूंगी रोड। ये प्रमुख सड़कें हैं जो दिनभर हजारों वाहनों का दबाव झेलती हैं। हर कदम पर सड़क के किनारे या फिर सड़क तक निर्माण सामग्री फैली रहती है। रेत पर ही वाहन दौड़ने लगें तो हवा के साथ कण पैदल चलने वालों और दुपहिया वाहन चालकों की आंखों में जाते हैं। रोड़ी-बजरी का रोल यह कि रात तो रात, दिन में भी दुपहिया वाहनों के पहिए इन पर डगमगाते हैं और दुर्घटना का खतरा रहता है। कई बार दुपहिया वाहन चालक रेत, रोड़ी-बजरी में रपट चुके हैं। असल में इस अंधेरगर्दी के पीछे सबसे बड़ा कारण जिम्मेदार विभागों की काहिली है।
ग्रामीण क्षेत्र को छोड़िये, नगर निगम अपनी सीमा में ही मुस्तैद नहीं। प्रशासन ने जैसे शहर से मुंह फेर रखा है। पूर्व में एक बार निर्माण सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस की मदद से अभियान चलाया गया था, लेकिन हर अभियान महज एक-दो दिन के लिए ही चलता आया है। प्रमुख सड़कों के साथ शहर की छोटी सड़कों में भी मकान बनवाने वाले अपनी सहूलियत के लिए बिना किसी डर के निर्माण सामग्री फैला रहे हैं। निर्माण सामग्री तब तक नहीं हटती, जब तक उसका इस्तेमाल मकान में न हो जाए।

ये फिर चलाएंगे अभियान
निर्माण सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ धारा 133 के तहत कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखा गया था। इस तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर निगम और पुलिस को साथ लेकर एक बार फिर से प्रशासन अभियान शुरू करेगा। निर्माण सामग्री मिलने पर जुर्माना लगाया जाएगा। -उदय सिंह राणा, सिटी मजिस्ट्रेट।

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