मलिन बस्तियों में आवास निर्माण में बड़ा घोटाला

Nainital Updated Sat, 06 Oct 2012 12:00 PM IST
हल्द्वानी। शहर की मलिन बस्तियों में गरीबों के लिए लागू की आवासीय योजना घोटाले में फंस गई है। प्रथम चरण में बनाए गए 171 मकानों में से 77 ही पूर्ण हो सके हैं बाकी मकान अधूरे हैं। जबकि निर्माण एजेंसी यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन को करीब तीन सौ मकानों के निर्माण के लिए छह करोड़ 64 लाख का भुगतान किया जा चुका है। इस कार्य में निर्माण एजेंसी को 50 फीसदी भुगतान होने की पुष्टि निगम प्रशासन ने की है। अब शासन के निर्देश पर निगम की प्रशासक एवं डीएम निधिमणि त्रिपाठी ने निर्माण एजेंसी यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। शासन ने इस एजेंसी से वसूली करने के आदेश दिए हैं।
बता दें कि केंद्र की जेएनयूआरएम के तहत आईएचएसडीपी (इंटीग्रेटेड स्लम डेवलपमेंट योजना) प्रोजेक्ट एक में हल्द्वानी के की मलिन बस्ती गुसाई नगर और इंद्रानगर पूर्वी में 501 मकानों का निर्माण प्रस्तावित था। इसके लिए सरकार से स्वीकृत इस्टीमेट 1346.57 लाख में से 668.40 लाख का बजट नगर निगम को मिल चुका है। प्रोजेक्ट दो के तहत हल्द्वानी- काठगोदाम क्षेत्र के कुल्यालपुरा, जवाहर नगर, नई बस्ती और काठगोदाम में निर्धन परिवारों के लिए 422 मकानों का निर्माण होना था। इस प्रोजेक्ट के लिए स्वीकृत इस्टीमेट 1185.47 लाख में से 583.67 लाख का बजट नगर निगम को मिला है। इस तरह केंद्रीय योजना के अंतर्गत गरीबों के लिए 923 आवास बनाए जाने थे। शासन ने इसका ठेका यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन को सौंपा था। करीब डेढ़ साल के भीतर प्रोजेक्ट कारपोरेशन इन मलिन बस्तियों में पहले चरण में 171 आवासों का निर्माण कर सका है लेकिन इनमें से पूर्ण केवल 77 ही हैं। ये मकान निर्धन परिवारों के कच्चे मकानों के स्थान पर ही बनाए जा रहे थेे। इंद्रानगर पूर्वी समेत अन्य स्थानों पर निर्माणाधीन मकानों को अधूरा छोड़ दिया गया है। निर्माण एजेंसी को निगम द्वारा 295 मकान बने बगैर ही छह करोड़ 64 लाख का भुगतान कर दिया गया। इस प्रोजेक्ट की पिछले दिनों शहरी विकास मंत्री ने देहरादून में समीक्षा कर इस मामले की जांच के निर्देश दिए थे। निगम के अपर मुख्य नगर अधिकारी बीएस चलाल ने बताया कि कि इंजीनियरों की टीम से सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार करा ली गई है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि निर्माण एजेंसी को निर्माणाधीन मकानों से 50 फीसदी भुगतान ज्यादा हो चुका है। इसकी रिपोर्ट शासन को भी भेजी गई है। इधर, निगम की प्रशासक एवं डीएम निधिमणि त्रिपाठी ने इस मामले में यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश कर दिए हैं। इस मामले में निगम की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने से पहले शुक्रवार को वार्ता के लिए प्रोजेक्ट मैनेजर को बुलाया गया था लेकिन प्रोजेक्ट मैनेजर नगर निगम दफ्तर नहीं पहुंचे। प्रोजेक्ट मैनेजर को शनिवार तक का वक्त दिया गया है, इसके बाद रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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इन लोगों ने किया था भुगतान
हल्द्वानी। निर्माण एजेंसी यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन को तत्कालीन चेयरमैन रेनू अधिकारी, तत्कालीन डीएम शैलेश बगौली के बाद इस साल मौजूदा डीएम निधिमणि त्रिपाठी ने भुगतान किया गया है। इन अधिकारियों ने भुगतान करने से पहले आवासों का भौतिक सत्यापन क्यों नहीं कराया, इस पर सवाल उठ रहे हैं।

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