एक पक्षीय फैसला सुना बंद किया केस

Nainital Updated Fri, 05 Oct 2012 12:00 PM IST
हल्द्वानी। दीपमाला हत्याकांड का केस लोक आयुक्त ने भी बंद कर दिया। लोक आयुक्त ने तीन मई को परिवादी की गैर मौजूदगी में रस्तोगी बनाम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल के प्रकरण में एक पक्षीय फैसला सुनाते हुए कहा है कि गौला नदी के किनारे बरामद मानव हड्डियों की विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच और दीपमाला के गायब होने वाले दिन पहने हुए कपड़े और बरामद कपड़े में भी भिन्नता पाई गई है। पुलिस ने गुमशुदा दीपमाला का पता लगाने के भरसक प्रयास किए थे। पुलिस अंतिम रिपोर्ट भी लगा चुकी है। केस न्यायालय में विचाराधीन है, इसमें आगे और कार्रवाई की जरूरत नहीं है। इसलिए दीपमाला के प्रकरण को बंद किया जाता है। इधर परिवादी नरेंद्र रस्तोगी ने लोक आयुक्त पर सुनवाई की नियत तिथि में पुलिस का पक्ष सुनने के बाद एक पक्षीय फैसला सुनाने का आरोप लगाया है। परिवादी ने यह भी कहा है कि लोक आयुक्त द्वारा बहस करने की नियत तिथि के संबंध में भेजा गया पत्र भी उन्हें देर से मिला था।
जवाहर नगर निवासी सुनील की गोद ली हुई पांच वर्षीय पुत्री दीपमाला 17 मार्च 2010 की रात सोते से गायब हुई थी। 27 मार्च को गौला नदी के किनारे से कटा सिर बरामद हुआ था। उसके कपड़े पड़ोसी के घर से बरामद हुए थे। परिजनों ने कपड़े और सिर दीपमाला का होने की बात कहते हुए अपहरण कर हत्या करने का मुकदमा कोतवाली में दर्ज कराया था। दीपमाला के पिता सुनील ने रिपोर्ट में कहा था कि दीपमाला के गायब होने वाली रात कुछ लोगों को उसके घर से कंबल ओढ़े जाते देखा था। घर के बगल में देवी मां का जागरण चल रहा था। उसी दिन सुबह चार बजे दीपमाला घर से गायब मिली थी। इस प्रकरण को पुलिस के गंभीरता से नहीं लेने पर जनता दल सेक्युलर के प्रदेश महासचिव नरेंद्र रस्तोगी ने दीपमाला के हत्यारों की धरपकड़ के लिए जन आंदोलन किया था। नरेंद्र रस्तोगी ने सूचना अधिकार के तहत दीपमाला की हत्या के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक से मामले में दर्ज कराई रिपोर्ट, मामले में डीएनए, लाई डिटेक्टर टेस्ट रिपोर्ट, केस डायरी, समस्त कानूनी जांचों समेत छाया प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की थी। एएसपी कार्यालय से उन्हें मामले में दर्ज कराई गई रिपोर्ट ही दी गई थी, अन्य किसी बिंदु पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई थी। पुलिस के सही जानकारी उपलब्ध न कराने पर नरेंद्र ने लोक आयुक्त के वाद दायर किया। लोक आयुक्त ने नरेंद्र रस्तोगी बनाम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल प्रकरण में सुनवाई की। 20 अप्रैल को लोक आयुक्त सचिव ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने पुलिस और परिवादी नरेंद्र को लेटर भेजा कि दीपमाला प्रकरण में तीन मई की नियत तिथि प्रकरण को बहस के बाद समाप्त करने के लिए सुनिश्चित की गई थी।

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