सेस जमा न करने पर 17 ठेकेदारों को नोटिस

Nainital Updated Thu, 04 Oct 2012 12:00 PM IST
हल्द्वानी। दस लाख या इससे अधिक कीमत का मकान, व्यावसायिक भवन या किसी भी तरह का निर्माण कराने वाले व्यक्तियों से भी भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम के अंतर्गत सेस की वसूली की जाएगी। श्रम विभाग ने सेस वसूली की प्रक्रिया तेज कर दी है। सेस जमा न करने वाले 17 ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। दस लाख या इससे अधिक कीमत के आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों का इंजीनियरों से सर्वे कराने की तैयारी भी की जा रही है। इधर, शासन ने निर्माणदायी संस्थाओं सरकारी महकमों के अधिकारियों की भी इसमें जवाबदेही तय कर दी है। उन्हें सेस कलेक्टर एवं पंजीयन अधिकारी का दायित्व सौंप दिया है।
बता दें कि निर्माण कार्यों में लगे राजगीर-मजदूरों को लाभान्वित करने के मकसद से भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम वर्ष 2005 में प्रदेश में लागू किया गया था। लेकिन इस योजना को लेकर कई भ्रांतियां होने के चलते यह प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पा रहा था। शासन की पहल पर अब इसे सख्ती से लागू किया जा सका है। इस अधिनियम के अंतर्गत दस लाख या इससे अधिक राशि से होने वाले निर्माण कार्य पर एक प्रतिशत सेस वसूले जाने का प्रावधान है। इसके दायरे में सरकारी एवं गैरसरकारी सभी प्रकार के निर्माण कार्य आते हैं। जिस निर्माण एजेंसी या निर्माण कार्य में दस या इससे अधिक श्रमिक कार्यरत हैं तो उन श्रमिकों का श्रम विभाग एवं संबंधित पंजीकरण अधिकारी के यहां अपना पंजीकरण होगा, इसके आधार पर ही उन्हें इस कल्याणकारी योजना के तहत लाभान्वित किया जा सकेगा।
उपश्रमायुक्त अनिल पेटवाल ने बताया कि इस अधिनियम के तहत दस लाख या इससे अधिक राशि से निजी क्षेत्रों में होटल, रिसोर्ट आदि आवासीय भवनों का सर्वे कर संबंधित निर्माण एजेंसी से सेस जमा कराने की कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि अधिक कीमत के भवनों का निर्माण कराने के बावजूद सेस जमा न करने वाले 17 ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। जो भवन स्वामी या ठेकेदार भवन निर्माण की सही लागत की सूचना विभाग को नहीं देगा, ऐसे भवनों का अभियंताओं की टीम से सर्वे कराकर उसकी कीमत का आंकलन किया जाएगा। इस सर्वे की तैयारी कर ली गई है। श्री पेटवाल ने बताया कि निर्माणदायी संस्थाओं लोनिवि, सिंचाई, पावर कारपोरेशन, पेयजल निगम, जल संस्थान, नगर निगम के मुख्य नगर अधिकारी और नगर पालिकाओं, जिला पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को सेस कलेक्टर और पंजीकरण अधिकारी का जिम्मा सौंप गया है। उनके विभागों में होने वाले समस्त प्रकार के कार्य का सेस स्वयं जमा कराने की व्यवस्था करेंगे।
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सेस से जमा हो चुका है 19 करोड़
हल्द्वानी। श्रमायुक्त पीएस कुटियाल ने बताया कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम के अंतर्गत सेस के रूप में अब तक 19 करोड़ की राशि जमा हो चुकी है तथा 4201 श्रमिकों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने बताया कि सेस के रूप में जमा राशि से पिछले दिनों नौ श्रमिकों को टूल्स किट उपलब्ध कराई गई, साथ ही मृतक आश्रित श्रमिक के पुत्र को पालीटेक्निक की पढ़ाई करने को 1800 रुपये छमाही छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। श्रमायुक्त ने बताया कि सरकारी विभागोें के अधिकारियों को इस अधिनियम के विषय में विस्तृत जानकारी दे दी गई है।

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