घंटे भर से अधिक समय तक नहीं लगाने दी चिता को आग

Nainital Updated Wed, 03 Oct 2012 12:00 PM IST
भीमताल। शिमला के सरहन क्षेत्र में आईटीबीपी में हवलदार के पद पर तैनात जवान की मौत के बाद मंगलवार को उसका शव यहां उसके गांव हरिनगर (रामगढ़) लाया गया। शव के पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। शव लेकर पहुंचे आईटीबीपी जवानों के मुताबिक जवान की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई लेकिन उनके पास न तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट थी और न ही कोई दूसरा ऐसा साक्ष्य जिससे मौत के कारणों का पता चल सके। इससे गुस्साए मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने घंटे भर से अधिक समय तक चिता में आग नहीं लगाने दी। बाद में बड़े बुजुर्गों ने किसी तरह परिजनों को समझाबुझा कर चिता को मुखाग्नि दिलाई।
जानकारी के मुताबिक नथुवाखान ग्रामसभा के तोक हरिनगर निवासी शंकर राम (46) पुत्र केशर राम आईटीबीपी में हवलदार के पद पर शिमला के सरहन क्षेत्र में तैनात था। बताया जाता है कि बीती 30 सितंबर को यहां उसके घर पर दूरभाष से परिजनों को उसके निधन की खबर दी गई। बताया गया कि शंकर राम का हार्ट अटैक के चलते निधन हो गया है। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। मंगलवार की दुपहर बाद चार बजे के करीब आईटीबीपी के जवान शंकर राम का शव लेकर हरिनगर गांव पहुंचे। उन्होंने शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। कुछ देर बाद शवयात्रा स्थानीय शमशान घाट को रवाना हो गई। शमशान घाट पहुंचने पर मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने साथ आए जवानों से शंकर राम की पीएम रिपोर्ट मांगी लेकिन वह पीएम रिपोर्ट नहीं दिखा सके और न ही कोई दूसरा ऐसा साक्ष्य दिखा सके कि जिससे यह पता चल सके कि शंकर राम की मौत हार्ट अटैक से हुई है। इसे लेकर ग्राम प्रधान भुवन चंद्र की आईटीबीपी जवानों के साथ खासी बहस भी हुई।
मौत के कारणों का सही पता नहीं चलने और जवान की अंत्येष्टि में प्रशासन के किसी भी अधिकारी के न होने से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने घंटे भर से अधिक समय तक चिता को मुखाग्नि नहीं देने दी और वह मौत के असली कारण का साक्ष्य उपलब्ध कराने की मांग करते रहे। बाद में बड़े बुजुर्गों ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए किसी तरह परिजनों और ग्रामीणों को समझाया, तब कहीं जाकर चिता को मुखाग्नि दी गई। शंकर राम अपने पीछे पत्नी समेत एक पुत्र और एक पुत्री को रोता बिलखता छोड़ गए। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कुंवर सिंह नेगी, जिला पंचायत सदस्य गणेश राम, ख्यूराज सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान भुवन चंद्र, गंगा राम, प्रेम प्रकाश, महेंद्र बिष्ट, प्रकाश चंद्र व प्रेम पथिक समेत कई लोग मौजूद थे।

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