सैंपल फेल, 60 लाख की शराब बहाई

Nainital Updated Thu, 27 Sep 2012 12:00 PM IST
हल्द्वानी। आबकारी विभाग के एफएल-2 गोदाम में रखी शराब के सैंपल फेल होने पर बुधवार शाम आबकारी विभाग की टीम ने 60 लाख रुपये की शराब नष्ट कर दी। शराब की बोतलें तोड़े जाने से गोदाम के आसपास ग्रामीणों का जमावड़ा लगा रहा। अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी में शराब की बोतलें नष्ट करवाई।
रामपुर रोड, मानपुर पश्चिम में आबकारी विभाग का एफएल-2 (अंग्रेजी शराब) का गोदाम है। गोदाम में रॉयल स्टैग और इंपीरियल ब्लू ब्रांड की शराब की सैकड़ों पेटियां शराब रखी हुई थी। शराब की बॉटलिंग तिथि 2007 थी। आबकारी निरीक्षक ने बताया कि शराब का कलर हल्का होने पर उसके नमूने जांच के लिए आबकारी विभाग की देहरादून लैब भेजे गए थे। लैब से जांच रिपोर्ट निगेटिव आई, जो कि पीने योग्य नहीं थी।
आबकारी निरीक्षक/ एफएल-2 गोदाम प्रभारी दीपाली साह ने बताया कि जिलाधिकारी निधिमणि त्रिपाठी ने खराब हो चुकी शराब को नष्ट करने के लिए कमेटी गठित की थी। कमेटी में जिला आबकारी अधिकारी पीएस गर्ब्याल, आबकारी निरीक्षक अशोक मिश्रा और वे खुद नामित सदस्य थी। कमेटी के नामित सदस्य बुधवार शाम गोदाम पहुंचे और शराब की हो चुकी शराब की बोतलें तोड़कर उसे नष्ट कर दिया। गोदाम प्रभारी दीपाली ने बताया कि नष्ट की गई शराब की सरकारी कीमत करीब 31 लाख रुपये थी, जिसका मार्केट वैल्यू 60 लाख रुपये से अधिक है।

लकड़ी के बैरल में सुरक्षित रहती है शराब
आमतौर पर शराब के बारे में कई भ्रांतियां हैं। अधिकतर लोग जानते हैं शराब जितनी पुरानी होती है उसका स्वाद उतना ही अच्छा होता है, लिहाजा वह महंगी बिकती है। लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है। ज्यादा समय तक शराब की बोतल सुरक्षित रखने से वह खराब हो जाती और जिसे पीने से नुकसान हो सकता है। आबकारी विभाग के अधिकारी बताते हैं, शराब का स्वाद और क्वालिटी बेहतर बनाने के लिए उसे बोतलों में नहीं बल्कि लकड़ी के एयर टाइट बैरल में सुरक्षित रखा जाता है। बैरल में शराब रखने के बाद उसे जमीन के अंदर दबा दिया जाता है या फिर समुद्र में डूबा दिया जाता है। सालों बाद बैरल से शराब बाहर निकाली जाती है, इससे शराब जितने साल पुरानी होती है उसका स्वाद अच्छा होता है।

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