अब सूखे के भावी संकट को लेकर चिंता

Nainital Updated Tue, 25 Sep 2012 12:00 PM IST
हल्द्वानी। बरसात का दौर तो लगभग थम चुका है लेकिन अब सूखे के भावी संकट को लेकर चिंता बढ़ने लगी है और ये चिंता है सिंचाई विभाग की। कारण, जलाशयों में क्षमता के अनुरूप पानी न भरना। ग्रीष्मकाल में जो जलाशय तराई-भाबर को सिंचाई और पेयजल के लिए पानी देते हैं, उनकी स्थिति इस बार संतोषजनक नहीं है। बरसात में ही जलाशयों में गर्मी से निपटने के लिए पानी स्टोरेज होता है, लेकिन इस साल देर से वर्षा होने के कारण तीन जलाशयों का पानी अब भी क्षमता से कई फिट नीचे है।
गौला में पानी की कमी के चलते प्रतिवर्ष हल्द्वानी को गर्मी में भीमताल झील से पानी दिया जाता है। इसकी क्षमता 45 फिट है और अब तक 41 फिट ही पानी झील में भर पाया है। झील के कैचमेंट एरिया में बारिश की कमी और स्रोतों के रिचार्ज नहीं होने के कारण ये नौबत आई है। इसी तरह काशीपुर के तुमड़िया जलाशय को 850 फिट तक भरा जाता है, ताकि ग्रीष्मकाल में तराई को पर्याप्त पानी दिया जा सके। यह जलाशय 844 फिट तक ही भरा है।
रुद्रपुर डिवीजन के अधीन हरिपुरा बौर जलाशय की कुल क्षमता 892 फिट तक पानी स्टोरेज की है। इसके विपरीत पानी का स्तर 882 फिट ही पहुंच पाया है। यूपी के अधीन नानकसागर डैम, बैगुल धौरा जलाशय की स्थिति फिर भी ठीक बताई गई है। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता (उत्तर) डीसी सिंह का कहना है कि जब जलाशय पूर्ण रूप से भर जाएं, तभी इनके पानी से ग्रीष्मकाल से निपटा जाता है। इस बार गर्मी में पानी का संकट सामने आने की संभावना है।

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