ये एक मां के भरोसे की जीत है

Nainital Updated Thu, 30 Aug 2012 12:00 PM IST
हल्द्वानी। अंडर-19 भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान उन्मुक्त चंद से यदि आप पूछेंगे कि उनके भीतर जीतने का ऐसा जज्बा और क्रिकेट के लिए इतनी एकाग्रता कहां से आई तो तय मानिए उनका जवाब होगा मां राजेश्वरी चंद से। रविवार को आस्ट्रेलिया में केवल भारत की ही जीत नहीं हुई, ये उस भरोसे की भी जीत थी जो कालोनी में क्रिकेट खेलने वाले एक चार साल के बच्चे पर उसकी मां ने किया था। टाउंसविले (आस्ट्रेलिया) के मैदान पर उन्मुक्त ने जिस तरह एक-एक रन जोड़कर नाबाद 111 रन बनाए वह केवल एक दिन का कमाल नहीं था। इसके पीछे 15 साल की तपस्या भी थी। इन 15 सालों में कई ऐसे मौके भी आए जब इस होनहार क्रिकेटर को निराशाओं ने घेरा। लेकिन मां ने शुरुआती हार को जीत में बदलने का जो मंत्र बेटे को दिया वह आस्ट्रेलिया में वेस्टइंडीज के साथ पहला मुकाबला हारने के बावजूद विश्व विजेता बनी टीम के काम आया।
उन्मुक्त के पिता की तरह मां राजेश्वरी चंद भी पेशे से अध्यापक हैं। हालांकि एक साल पहले खराब स्वास्थ्य के कारण उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी लेकिन उत्तराखंड के छोटे से जिले पिथौरागढ़ से निकलकर अपने बेटे के लिए दुनिया में जगह बनाने में वह कामयाब रही हैं। भारत की जीत में अपने बेटे उन्मुक्त के रोल से वह बेहद खुश हैं। लेकिन दुनिया की हर मां की तरह उनका मन भी अभी नहीं भरा है, उन्हें भी अपने उन्मुक्त के लिए अभी और ऊंचाइयां चाहिए। फोन पर हुई बातचीत में राजेश्वरी ने अमर उजाला से कहा कि ये एक सपने के सकार होने सरीखा है। हालांकि अभी मंजिलें और भी हैं। बेटे को जीत का मंत्र और हौसले का पाठ पढ़ाने वाली राजेश्वरी उन्मुक्त के मामले में खुद बेहद नर्वस हैं। उन्होंने आज तक कभी भी किसी बड़े मैच में बेटे को खेलते हुए नहीं देखा। यहां तक की आस्ट्रेलिया में हुआ विश्वकप भी उन्होंने नहीं देखा वह अब रविवार को हुए विश्वकप फाइनल की हाईलाइट्स देख रही हैं।
राजेश्वरी पुराने दिनों को याद करते हुए कहती हैं कि उन्मुक्त सोसायटी में क्रिकेट खेला करता था। लोग उसकी खूब तारीफ करते थे। कई लोगों ने उन्हें राय दी कि इस लड़के को क्रिकेट में कैरियर बनाने का मौका मिलना चाहिए। उसकी लगन देखकर हमने भी उसकी हॉबी को बढ़ावा दिया। उसके पापा और मुझे विश्वास था कि वह खेल के साथ पढ़ाई भी कर जाएगा, जो उसने कर दिखाया और आज जीतकर घर आ रहा है। अब मां अपने बेटे के स्वागत की तैयारी करना चाहती हैं। उन्मुक्त के स्वागत में केक कटने वाला है और राजेश्वरी ने बेटे के लिए उसका पसंदीदा नॉनवेज भी मंगाया है। ये उस जीत की खुशी है जिसमें भारत ‘मां’ जीते हैं।

Spotlight

Most Read

Bihar

चारा घोटाला: लालू और जगन्नाथ मिश्रा को 5 साल की सजा, कोर्ट ने 5 लाख का लगाया जुर्माना

पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।

24 जनवरी 2018

Related Videos

देहरादून में आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया गिरफ्तार, ये हैं आरोप

वेतनमान बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बता दें कि आशा कर्यकर्ता देहरादून के परेड ग्राउंड के पास धरना प्रदर्शन कर रही थीं जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

14 अक्टूबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls